यूपी में भाजपा को दिक्कत नहीं है; BJP को 2027 के चुनाव के लिए प्रदीप गुप्ता से एक चेतावनी भी
Pradeep Gupta UP Election Prediction: चुनाव सर्वेक्षण कंपनी एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा है कि इस समय बीजेपी के लिए यूपी में कोई दिक्कत नहीं दिख रही है।

Pradeep Gupta UP Election Prediction: उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव सर्वेक्षण एजेंसी एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की वापसी में कोई दिक्कत नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज को लेकर संतुष्टि का अनुपात अच्छा है। यूपी में 2027 के फरवरी-मार्च में चुनाव होना है, जिसके लिए सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट चुके हैं। प्रदीप गुप्ता की एक्सिस माय इंडिया की टीम जिन राज्यों में सर्वे करती है, वहां वह कम से कम एक साल पहले से जमीन पर उतर जाती है। ताकि चुनाव की घोषणा से बहुत पहले से लोगों से बातचीत करके हालात, मुद्दे और बढ़ते समय के साथ बदलते मूड को समझा जा सके।
प्रदीप गुप्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ इंटरव्यू में यूपी के चुनावी माहौल को लेकर सवाल पर कहा- ‘यूपी में समग्र रूप से फीडबैक की बात करें तो संतुष्टि का अनुपात अच्छा है। तो उस हिसाब से यूपी में उतनी दिक्कत आज की डेट में नहीं लगती। लेकिन यूपी जरा अलग तरह का राज्य है। थोड़े समय में वो बदल जाता है। (कारण पूछने पर) … कास्ट तो हमेशा रहेगा। प्रदर्शन ही रहता है। और दूसरा रहता है कि अगर यह जो है, इसका प्रदर्शन उतना ठीक नहीं है तो फिर दूसरा कौन सामने है, जो बेहतर होगा, यानी विकल्प।’
2027 में यूपी के साथ-साथ उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में भी चुनाव होंगे। प्रदीप गुप्ता कहते हैं कि पंजाब के राजनीतिक माहौल में बहाव ज्यादा है, क्योंकि सीएम भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेकर लोगों में संतुष्टि का अनुपात मिला-जुला है। ऊपर से 4 राजनीतिक ताकत का उदय हो गया है। प्रदीप गुप्ता का अनुमान है कि पंजाब में चतुष्कोणीय चुनाव में कम वोट शेयर के साथ भी कोई पार्टी बहुमत से सरकार बना सकती है। पंजाब में 2017 और 22 के चुनाव में अकाली दल-भाजपा का एनडीए गठबंधन, कांग्रेस और आप मैदान में थे। इस बार का चुनाव भाजपा और अकाली दल के अलग लड़ने से चार प्रमुख दलों के बीच होगा।
पंजाब को लेकर प्रदीप गुप्ता ने कहा- ‘पंजाब में हालात मिला-जुला है। समाज का एक तबका संतुष्ट है, लेकिन अब चार दल मुकाबले में दिख रहे हैं। जब उत्तर प्रदेश के पहले के चुनावों की तरह चार दल मुकाबले में होते हैं तब 26 फीसदी वोट शेयर से भी बहुमत मिल जाता है। समाजवादी पार्टी ने एक बार 26 परसेंट वोट पर सरकार बनाई। मायावती (बसपा) ने भी 29 फीसदी वोट पर सरकार बना लिया था। इसलिए अगर एक तिहाई यानी 33 फीसदी लोग भी संतुष्ट हैं और वोट का बंटवारा हो जाता है तो 25 परसेंट वोट लाकर भी कोई पार्टी जीत सकती है। चुनाव का फैसला अंततः इस बात से होता है कि वोट कैसे बंटा।’ प्रदीप गुप्ता ने पंजाब चुनाव को फिलहाल सबसे रोचक चुनावी राज्य करार दिया है।




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