Axis My India ने जारी नहीं किया Exit Poll, लेकिन प्रदीप गुप्ता ने बताया- बंगाल में भाजपा की क्या स्थिति
Axis My India के प्रदीप गुप्ता से जब पूछा गया कि उनका व्यक्तिगत आकलन क्या है भाजपा को लेकर बंगाल में तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा की स्थिति बेहतर नजर आ रही है।

Axis My India: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में महज चंद घंटे का समय बचा है। चार मई को लगभग दोपहर तक स्थिति साफ हो जाएगी कि बंगाल में अगली सरकार किसकी बन रही है। क्या ममता बनर्जी चौथी बार वापस सत्ता में आ रहीं, या फिर भाजपा पहली बार जीत दर्ज करेगी। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने भाजपा की जीत का दावा किया है, लेकिन Axis My India ने अपना पोल नहीं जारी किया। एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने एग्जिट पोल न जारी करने की वजह बताते हुए कहा कि लगभग 70 फीसदी वोटर्स ने सर्वे करने गए लोगों से बात करने से मना कर दिया। इससे आंकड़े निकल नहीं पाए। हालांकि, प्रदीप गुप्ता ने यह जरूर बताया कि भाजपा की बंगाल में कैसी स्थिति है।
‘आजतक’ से बात करते हुए प्रदीप गुप्ता से जब पूछा गया कि उनका व्यक्तिगत आकलन क्या है भाजपा को लेकर बंगाल में तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा की स्थिति बेहतर नजर आ रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया कि राज्य में अगली सरकार कौन सी पार्टी बनाएगी। बता दें कि पिछले चुनाव में भाजपा ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उससे पहले, 2016 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीन सीटें ही मिली थीं। इस बार पार्टी का दावा है कि वह राज्य में सरकार बनाने जा रही है।
Axis My India ने क्यों नहीं जारी किया Exit Poll?
एक्सिस माय इंडिया काफी सालों से एग्जिट पोल करता आ रहा है। कई बार इसमें नतीजे गलत हुए हैं, तो कई सटीक भी साबित हुए। लेकिन, इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल अनुमान जारी नहीं किया जा रहा है। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मतदाता इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं कि उन्होंने किसे वोट दिया। बयान में एक्सिस माय इंडिया ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में फील्डवर्क के दौरान हमें एक अनोखी और सांख्यिकीय रूप से काफी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। हमने देखा कि सर्वे में जवाब न देने वालों की दर बहुत ज्यादा थी। लगभग 70 फीसदी मतदाताओं ने जिनसे संपर्क किया गया सर्वे में हिस्सा लेने से मना कर दिया। हालांकि, हमारे सैंपलिंग मॉडल में लोगों की कुछ हद तक हिचकिचाहट को पहले से ही ध्यान में रखा जाता है, लेकिन इस स्तर पर लोगों का मना करना, अब तक के सामान्य रुझानों से कहीं ज्यादा है।




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