ड्रोन से रेकी और सटीक मुखबिरी के बाद यूपी पुलिस ने पकड़ा ‘मिनी जामताड़ा’, 20 ठग गिरफ्तार
साइबर ठगों के आने जाने और काम करने की मोडस ऑप्रेंडी समझने के बाद यूपी पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगों के इस गैंग पर छापा मारा। गांव को घेरकर पुलिस ने 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 17 अपराधी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस को साइबर ठगी के बड़े धंधे के खुलासे में सफलता मिली है। साइबर ठगों ने यहां ‘मिनी जामताड़ा’ जैसा बना लिया था। पुलिस ने ड्रोन से रेकी, सटीक मुखबिरी, एलआईयू, और बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी जुटाने के बाद घेराबंदी की और बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। ये ठग बड़े पैमाने पर लोगों के साथ धोखाधड़ी और ठगी का धंधा कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान धंधे में लिफ्त 17 अपराधी फरार हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस जुटी है। दावा है कि जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की यह कार्रवाई का कानपुर के रेउना के रठि गांव में हुई है। पुलिस को एनसीआरबी पोर्टल पर लगातार यहां की शिकायतें मिल रहीं थी जिसके बाद पिछले एक महीने से यहां पुलिस ने एलआईयू, क्षेत्रीय पुलिस, मुखबिरों और ड्रोन से रेकी की।
साइबर ठगों के आने जाने और काम करने की मोडस ऑप्रेंडी समझने के बाद पुलिस ने मंगलवार को यहां छापा मारा। गांव को घेरकर पुलिस ने 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जबकि 17 अपराधी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
क्या बोली पुलिस
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि गांव में 15 साल से लेकर 50 साल तक के लोग इस धंधे में लिप्त थे। यह लोग साइबर ठगी तमिलनाडु से सीखकर आए थे। पुलिस आयुक्त के मुताबिक पिछले चार साल में यह लोग एक से डेढ़ करोड़ की ठगी कर चुके है। सभी को जेल भेज दिया गया। कानपुर के सचेंडी, चकेरी, महाराजपुर समेत अन्य जगहों पर भी ऐसे साइबर ठग सक्रिय हैं जिन पर पुलिस की नजर है। इस पूरे अभियान में घाटमपुर सर्किल फोर्स के 200 पुलिस कर्मी शामिल थे। ऑपरेशन स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप प्रभारी सुमित सुधाकर रामटेके ने किया।




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