वेस्ट यूपी में जासूसी नेटवर्क पर ATS का धावा, महिला समेत 5 को पकड़ा; पूछताछ के बाद 3 को छोड़ा
देवबंद से पहुंची ATS टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों स्थानों पर दबिश दी और संदिग्धों को उठाकर पूछताछ के लिए ले जाया गया। सभी से कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में कोई ठोस साक्ष्य सामने न आने पर महिला समेत तीन लोगों को देर शाम छोड़ दिया गया।

UP News : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के इनपुट के बाद एटीएस देवबंद टीम ने मंगलवार को शामली और कैराना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें एक महिला भी शामिल है। देवबंद से पहुंची एटीएस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों स्थानों पर दबिश दी और संदिग्धों को उठाकर पूछताछ के लिए ले जाया गया। सभी से कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में कोई ठोस साक्ष्य सामने न आने पर महिला समेत तीन लोगों को देर शाम छोड़ दिया गया, जबकि दो से पूछताछ जारी है।
एटीएस सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। हालांकि अब तक की पूछताछ में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि या जासूसी से जुड़े ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। बावजूद इसके सभी संदिग्धों तथा उनके संपर्कों की निगरानी की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में सामने आए जासूसी मामलों के बाद एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। करीब पंद्रह दिन पूर्व गाजियाबाद में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवक की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। इसी क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर लगातार सूचनाएं जुटाई जा रही हैं।
एटीएस को शामली और कैराना क्षेत्र में भी संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संदिग्ध के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य सामने नहीं आए हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं हैं। यही कारण है कि रिहा किए गए लोगों पर भी सतर्क निगरानी बनाए रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।




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