यूपी के इस जिले में LPG सिलेंडरों की सप्लाई कुछ सुधरी, कई एजेंसियों पर अब भी लंबी कतार
जिन एजेंसियों से मार्च माह के आखिरी हफ्ते में गैस बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को अब तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, उनके प्रति लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मनमानी के चलते उन्हें घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में कुछ एजेंसियों पर रसोई गैस सिलेंडरों (LPG) की डिलेवरी में कुछ सुधार दिख रहा है। उनके यहां भीड़ काफी कम दिख रही है। होम डिलेवरी भी शुरू हो गई है। जो उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंच रहे हैं उन्हें थोड़े इंतजार के बाद सिलेंडर मिल जा रहा है। वहीं कई एजेंसियों पर सिलेंडर की समस्या कम होती नहीं दिख रही है। उनके यहां भीड़ में कोई कमी नहीं आई है। सुबह से ही एजेंसी पर गैस सिलेंडर लिए लोगों की भीड़ लग जाती है। हालत यह है कि मार्च माह के आखिरी हफ्ते में जिन लोगों ने बुकिंग कराई है उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है। घंटो लाइन में लगने के बाद वापस लौटना पड़ रहा है। उन एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि कम सप्लाई आने के कारण मांग पूरी करने में दिक्कतें हो रही हैं।
जिन एजेंसियों से मार्च माह के आखिरी हफ्ते में गैस बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को अब तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, उनके प्रति लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। खलीलाबाद स्थित गैस एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी की मनमानी के चलते उन्हें घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही। लोग अपनी बुकिंग के आधार पर सिलेंडर लेने पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश को गैस नहीं मिल सकी। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले 10-15 दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सप्लाई नहीं आई, कहकर वापस कर दिया जाता है। गैस सिलेंडर न मिलने से घरों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
खासकर महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी या चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी पर पारदर्शिता की कमी है। कुछ लोगों का कहना है कि जान-पहचान वालों को पहले गैस दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ता लाइन में खड़े-खड़े परेशान हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एजेंसी संचालक का कहना है कि ऊपर से सप्लाई कम मिल रही है, जिसके कारण सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। सप्लाई सामान्य होते ही समस्या दूर कर दी जाएगी।
सिलेंडर बुकिंग अवधि बढ़ने से उपभोक्ता परेशान
जिले के नाथनगर क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर बुकिंग की निर्धारित अवधि अधिक होने के कारण लोगों को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है। वहां सिलेंडर 20 दिन के भीतर ही समाप्त हो जा रहा है। लेकिन निर्धारित समय से पहले बुकिंग न होने के कारण उपभोक्ता असहाय महसूस कर रहे हैं। स्थानीय उपभोक्ता सर्वेश, कोमल, नूरजहां और पूनम ने बताया कि गैस सिलेंडर समय से नहीं मिल पाने के कारण घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई बार मजबूरी में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग अवधि को कम किया जाए या फिर अधिक खपत वाले परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। ताकि उन्हें समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
यहां दिख रही अव्यवस्था
पौली क्षेत्र में एजेंसी पर गैस सिलिंडर को लेकर भारी अव्यवस्था दिख रही है। उपभोक्ताओं को सुबह छह बजे से लाइन में लगने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। जिससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। गैस लेने एजेंसी पर आए उपभोक्ता रमेश, बिन्देश, बबलू, अरविन्द, अशोक आदि ने बताया कि भारत गैस एजेंसी पर गैस लेने के लिए सुबह छह बजे कतार में लग गए। तेज धूप और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करने के बाद गैस नहीं मिल सकी। एच पी तेज गैस एजेंसी धनघटा पर गैस लेने गए उपभोक्ता रामसुरेमन ने बताया कि मोबाइल फोन पर सिलिंडर बुक होने और डिलीवर होने का मैसेज आ जाता है, फिर भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। पास बुक दिखाने पर पता कि इसकी डिवलरी हो गया है। जबकि उन्हें सिलेंडर मिला है। बीच में धोखाधड़ी कर किसी और को सिलेंडर दे दिया जा रहा है।
आपूर्ति विभाग से संस्तुति मिली तो स्कूलों को मिली राहत
पौली क्षेत्र के स्कूली बच्चों के एमडीएम पर आए रसोई गैस के संकट की खबरों के ‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र में प्रकाशन के बाद समस्या को आपूर्ति विभाग ने संज्ञान में लिया। विभाग की संस्तुति मिलने के बाद सिलेंडर मिलना शुरू हो गया। रसोई गैस की किल्लत से पौली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की भोजन की थाली पर भी संकट खड़ा हो गया था। एजेंसी मालिक गैस कनेक्शन की बुकिंग के बाद भी आपूर्ति विभाग से संस्तुति मिलने पर ही गैस देने की बात रहे थे। पिछले दिनों आपके अपने समाचार पत्र हिन्दुस्तान दैनिक ने गैस की किल्ल्त से गहराया एमडीएम पर संकट की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी ने गैस एजेंसी मालिकों को निर्देशित किया कि विद्यालयों को तत्काल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाय। गैस न मिलने वाले विद्यालयों के प्रभारियों का कहना है कि अब गैस मिलने में कोई दिक्कत नही हो रही है। बुकिंग के अनुसार गैस मिल रही है।




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