राजस्थान के स्कूल में ईंटों से बना ब्लैकबोर्ड गिरा, 6 साल की छात्रा की मौत; बीते साल हुई थी 7 की मौत
यह हादसा शुक्रवार दोपहर उस वक्त हुआ जब कक्षा 2 की छात्रा प्रीति लंच ब्रेक के दौरान अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इस हादसे ने बीते साल झालावाड़ में हुई 7 बच्चों की मौत के दुख को फिर जिंदा कर दिया है। इस घटना ने राज्य में चल रहे स्कूल ढांचों की खराब हालत पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

राजस्थान के जालौर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां स्कूल में खेल रही छह साल की बच्ची की ईंटों से बने अस्थायी ब्लैकबोर्ड के गिरने से मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार दोपहर उस वक्त हुआ जब कक्षा 2 की छात्रा प्रीति लंच ब्रेक के दौरान अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इस हादसे ने बीते साल झालावाड़ में हुई 7 बच्चों की मौत के दुख को फिर जिंदा कर दिया है। इस घटना ने राज्य में चल रहे स्कूल ढांचों की खराब हालत पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
फाइबर और ईंट से बना था ब्लैकबोर्ड
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में पुलिस ने बताया- यह घटना मारूधर शिक्षण संस्थान नामक स्कूल में हुई है। बताया गया कि ब्लैकबोर्ड फाइबर और सीमेंट की ईंटों से बनाया गया था, जो दीवार के सहारे खड़ा था। अचानक यह ढांचा भरभराकर गिर पड़ा और बच्ची मलबे के नीचे दब गई। स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बांस, तिरपाल…में चल रहा था स्कूल
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरूआती जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की कक्षाएं अस्थायी ढांचे में चल रहीं थीं। सीमेंट की ईंटों को पांच से सात फीट तक जमाकर दीवार बनाई गई थी और ऊपर बांस के डंडों पर तिरपाल डालकर छत तैयार की गई थी।
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि यह स्कूल पिछले पांच-छह वर्षों से इसी ढांचे में चल रहा था। यहां कक्षा 12 तक लगभग 350 छात्र रजिस्टर हैं। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जालौर की यह घटना राज्य में स्कूल भवनों से जुड़े हादसों की कड़ी में जुड़ गई है।
झालावाड़ में हो चुकी है 7 छात्रों की मौत
बीते साल झालावाड़ जिले में सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 छात्रों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्यभर में स्कूल भवनों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए गए थे। वहीं जैसलमेर में भी स्कूल के प्रवेश द्वार और खंभा गिरने से एक छात्र की जान चली गई थी।




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