गहलोत सरकार ने गौहत्यारों को 50 लाख दिए; BJP विधायक बालकनाथ ने विधानसभा में लगाए बड़े आरोप
राजस्थान विधानसभा में उद्योग, युवा और खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान गुरुवार को सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के बीच बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ ने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए

राजस्थान विधानसभा में उद्योग, युवा और खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान गुरुवार को सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के बीच बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ ने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
बालकनाथ ने कहा कि गहलोत सरकार ने “गौहत्यारों को 50 लाख रुपए देने का काम किया।” उन्होंने उदयपुर में हुई कन्हैयालाल हत्याकांड का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उस समय की सरकार ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “आपकी सरकार ने समुदाय विशेष को मुआवजा देने का काम किया। जयपुर में एक हिंदू भाई मर जाता है, उसकी तरफ देखते तक नहीं।”
उनके इन आरोपों पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तुरंत आपत्ति जताई। जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कन्हैयालाल के परिवार को 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी और दोनों बेटों को सरकारी नौकरी भी दी। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “आप लोगों ने तो आरोपियों की जमानत करवाई।” इस पर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
एआई समिट और ‘नकली रोबोट’ विवाद भी गूंजा
अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि Galgotias University ने एक “नकली रोबोट” पेश कर देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई। मेहर ने कहा कि पूरी दुनिया में इस मामले की चर्चा हो रही है और यह देश की छवि के लिए ठीक नहीं है।
मेहर ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आपको गांधी जी से इतनी तकलीफ है तो नोटों से उनकी तस्वीर हटा दीजिए। नरेगा से नाम हटाने से क्या होगा?” उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि इस पर सख्त रोक लगाने की जरूरत है।
ऑनलाइन सट्टे पर सरकार घिरी
उद्योग और खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और युवाओं में बढ़ती लत का मुद्दा उठाया। चांदना ने कहा कि राज्य के युवा बेरोजगारी, नशे और ऑनलाइन सट्टे की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी को करोड़ों रुपए का चंदा दिया। चांदना ने कहा, “भारत सरकार ने ऑनलाइन सट्टे पर बैन लगाने की बात कही, लेकिन आज भी यह धड़ल्ले से चल रहा है। छोटे-छोटे गांवों तक नशा पहुंच चुका है। युवा सट्टे में पैसा हारकर ऊंचे ब्याज पर कर्ज ले रहे हैं, जिससे आत्महत्या और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।”
उन्होंने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस “बजरी के ट्रक गिनने में व्यस्त है”, जबकि युवाओं को बचाने के लिए ठोस अभियान चलाने की जरूरत है।
स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर कांग्रेस का वॉकआउट
इससे पहले सदन में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब से नाराज कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायक प्रशांत शर्मा ने अचरोल (जयपुर) में सैटेलाइट अस्पताल और सीएचसी भवन निर्माण को लेकर सवाल उठाया था।
खींवसर ने जवाब में कहा कि सैटेलाइट अस्पताल हेरिटेज बिल्डिंग में संचालित है, जहां नया निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जेडीए को नई जमीन के लिए पत्र लिखा गया है और जमीन मिलने पर नई लोकेशन पर अस्पताल बनाया जाएगा। जवाब के दौरान आमेर और अचरोल को लेकर भ्रम की स्थिति बनी, जिस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री को घेरा। पर्याप्त जवाब न मिलने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
बायपास अलाइनमेंट पर भी बहस
सदन में नोहर (बीकानेर) में बायपास के अलाइनमेंट बदलने के मुद्दे पर भी सत्ता और विपक्ष आमने-सामने रहे। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि किसानों की आपत्तियों के कारण नया अलाइनमेंट बनाया गया है और काम शुरू हो चुका है। इस पर टीकाराम जूली ने लागत बढ़ने और संभावित दुर्घटनाओं को लेकर सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। बालकनाथ के आरोपों ने जहां राजनीतिक तापमान बढ़ाया, वहीं विपक्ष ने भी सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन