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अजमेर में किडनैपिंग के बाद युवक की काटी थी नाक, 8 दोषियों को हुई 3-3 साल की जेल

न्यायिक मजिस्ट्रेट नंबर-02 की अदालत ने आठ दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Mon, 20 April 2026 10:56 PMRatan Gupta अजमेर, पीटीआई
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अजमेर में किडनैपिंग के बाद युवक की काटी थी नाक, 8 दोषियों को हुई 3-3 साल की जेल

राजस्थान के अजमेर में किडनैपिंग के बाद युवक की नाक काटने जैसे सनसनीखेज मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट नंबर-02 की अदालत ने आठ दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

लाठी-डंडों से की थी पिटाई, नाक भी काटी

यह घटना 18 मार्च 2023 की है, जब पीड़ित हमीद खान को चांदियावास स्थित अंसल सिटी से आरोपियों ने अगवा कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उसे मारोठ ले गए, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीटने के बाद आरोपियों ने धारदार हथियार से उसकी नाक काट दी। इतना ही नहीं, इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया।

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चौराहा पर छोड़कर हुए थे फरार

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घायल युवक को नावा चौराहा के पास छोड़कर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। तत्कालीन एसएचओ सुनील कुमार बेड़ा के नेतृत्व में टीम ने महज 12 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

हत्या के प्रयास में दोषी करार

अदालत ने प्रकाश खान, अजीज खान, इकबाल खान, हुसैन मोमिन, अमीन, सलीम और सराज समेत कुल आठ आरोपियों को अपहरण, हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को सजा सुनाई।

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इस मामले की जांच ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत की गई थी, ताकि प्रभावी तरीके से जांच और पैरवी हो सके। सहायक उप निरीक्षक कमल किशोर को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया था, जिन्होंने पूरे मामले को मजबूती से अदालत में रखा।

जल्दी एक्शन से सजा दिलाना हुआ संभव

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि त्वरित जांच और सशक्त पैरवी के चलते इस गंभीर मामले में दोषियों को सजा दिलाना संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल पीड़ित को न्याय दिलाता है, बल्कि गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश भी देता है।

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