अब सीधे कंक्रीट से बंद होंगे दिल्ली में चल रहे अवैध बोरवेल, NGT ने SDM को दिया दो हफ्ते का समय
पिछली सुनवाई के दौरान SDM के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि शिकायत में बताए गए कई बोरवेल पहले ही सील कर दिए गए थे। एक नई रिपोर्ट में कहा गया कि प्रेम नगर और शक्ति नगर में अलग-अलग घरों में बाकी बोरवेल भी अलग-अलग तारीखों पर सील कर दिए गए थे।

दिल्ली में अवैध रूप से खोदे गए बोरवेलों के खिलाफ NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने एकबार फिर कड़ा रूख अपनाया है और मॉडल टाउन के SDM (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) को इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने SDM को रोहिणी और शक्ति नगर जैसे क्षेत्रों में चल रहे अवैध बोरवेलों को दो सप्ताह के भीतर ठीक से सील करने का निर्देश दिया है। इस दौरान ट्रिब्यूनल ने इन बोरवेलों से न केवल सबमर्सिबल पंप हटाने के लिए कहा है, बल्कि दो सप्ताह के अंदर उन्हें कंक्रीट भरकर पूरी तरह से बंद करने का निर्देश भी दिया है।
NGT ने यह सख्त निर्देश 20 फरवरी को रोहिणी और शक्ति नगर इलाकों में बोरवेल के कथित गैर-कानूनी संचालन के संबंध में फाइल की गई एक एग्जीक्यूशन एप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए दिया गया था। यह केस मूल रूप से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और अन्य संस्थाओं के खिलाफ फाइल किया गया था।
पिछली सुनवाई के दौरान, SDM के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि शिकायत में बताए गए कई बोरवेल पहले ही सील किए जा चुके हैं। 19 फरवरी की एक नई रिपोर्ट में कहा गया कि प्रेम नगर और शक्ति नगर में अलग-अलग घरों में बाकी बोरवेल भी अलग-अलग तारीखों पर सील कर दिए गए थे।
NGT बोला- पहले वाली सीलिंग दिखावे जैसी
हालांकि 20 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान, NGT ने जब SDM कार्यालय द्वारा अपनी रिपोर्ट के साथ पेश की गई सील किए गए बोरवेल की तस्वीरों को देखा, तो ट्रिब्यूनल ने पाया कि पहले की गई सीलिंग केवल दिखावे के जैसी लग रही और तस्वीरों को देखकर लगता है कि इन बोरवेलों को सील हटाए बिना अभी भी आसानी से चलाया जा सकता है।
तीन हफ्ते के अंदर जमा करना होगी अनुपालन रिपोर्ट
इस पर ध्यान देते हुए, मॉडल टाउन के SDM के वकील ने ट्रिब्यूनल को भरोसा दिलाया कि बोरवेल को सबमर्सिबल पंप हटाकर और उन्हें हमेशा के लिए कंक्रीट से बंद करके सही तरीके से फिर से सील कर दिया जाएगा। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि यह काम दो हफ्ते के अंदर पूरा किया जाए और SDM से तीन हफ्ते के अंदर आगे की अनुपालन रिपोर्ट फाइल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी।
इससे पहले 28 जनवरी, 2025 को NGT ने इसी निर्देश के साथ वास्तविक आवेदन का निपटारा कर दिया था कि अगर कोई कार्रवाई पेंडिंग है, तो संबंधित SDM इस मामले की जांच करें और चार सप्ताह के भीतर उचित ऐक्शन लेकर कार्रवाई करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।




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