सावधान! दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर और बढ़ी सख्ती, 38 दिन में 182 लोगों पर FIR
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 3 जनवरी से 9 फरवरी के बीच रॉन्ग साइड ड्राइविंग के आरोप में 182 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से सबसे अधिक मामले नई दिल्ली क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, रॉन्ग साइड ड्राइविंग वाले वाहन चालकों के खिलाफ औसतन रोज 5 एफआईआर दर्ज की गईं।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों पर अब और ज्यादा सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। 3 जनवरी से 8 फरवरी के बीच रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने के आरोप में 182 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से सबसे अधिक मामले नई दिल्ली क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में सड़क पर रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाना अब मामूली ट्रैफिक उल्लंघन नहीं माना जा रहा, बल्कि एक गंभीर और जानलेवा अपराध माना जा रहा है। इन आंकड़ों के अनुसार, रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ औसतन प्रतिदिन 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
नई दिल्ली रेंज में सबसे अधिक 53 मामले दर्ज
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान सबसे अधिक 53 मामले नई दिल्ली रेंज में दर्ज किए गए। दक्षिणी रेंज में 37 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि मध्य, उत्तरी और पश्चिमी रेंज में 27-27 मामले दर्ज किए गए। पूर्वी रेंज में 11 एफआईआर दर्ज की गईं।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज रफ्तार से वाहन चलाना जिसमें 6 महीने तक की कैद और 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बढ़ता है हादसों का खतरा
पुलिस अधिकारी ने कहा, ''रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाना, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना और लाल बत्ती पार करना आमने-सामने की टक्करों, वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गंभीर चोटों तथा जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ा देता है। विपरीत दिशा में गाड़ी चलाना न केवल नियम तोड़ने वाले को, बल्कि सड़क पर चलने वाले निर्दोष लोगों को भी अत्यधिक खतरे में डालता है। तेज गति से आमने-सामने की टक्कर में बचने की संभावना बहुत कम होती है।''
अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूरे शहर में सख्त प्रवर्तन उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-बेस्ड हाई टेक्नोलॉजी वाले कैमरों के माध्यम से निगरानी और प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवरों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती तथा गहन गश्त मौजूदा अभियान का हिस्सा है।
अधिकारी ने कहा, ''सभी को सही लेन में गाड़ी चलानी चाहिए और स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करना चाहिए। तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है। गाड़ी चलाते समय लोगों को अपने फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और रील नहीं बनानी चाहिए या सोशल मीडिया स्क्रॉल नहीं करना चाहिए। कुछ सेकेंड का ध्यान भटकना किसी की जान ले सकता है।''
नियम तोड़ने वालों की सीसीटीवी और एआई वाले कैमरों से हो रही पहचान
पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जांच के जरिये नियमों को तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। एफआईआर दर्ज करने के अलावा, गंभीर मामलों में वाहन जब्त किए जा रहे हैं और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की सिफारिश की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि हाल के महीनों में लापरवाही और रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने से जुड़ी कई घातक दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, ऐसी ही एक घटना में, 3 फरवरी को दिल्ली के द्वारका में एक तेज रफ्तार एसयूवी ने कथित तौर पर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे 23 वर्षीय साहिल की मौत हो गई थी।




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