अटल कैंटीन से शिक्षा और स्वास्थ्य तक... दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने एक साल में क्या-क्या किया
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली भाजपा सरकार को आज एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर रेखा गुप्ता ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर आज अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर एक साल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली भाजपा सरकार को आज एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर रेखा गुप्ता ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ आज अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर एक साल में शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी क्षेत्रों में किए गए कामों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आगे उनकी सरकार की क्या-क्या योजनाएं हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आज सरकार को एक साल पूरा हुआ है। शपथ ग्रहण के बाद हमने कार्यभार संभाला था और कैबिनेट मीटिंग की थी। हमारा रिपोर्ट कार्ड एक साल का परिवर्तन है। यह सरकार घोषणाओं की नहीं काम करने वाली सरकार है। बहानों से हमने समाधान की तरफ ले जाने का प्रयास किया। हमारे प्रत्येक प्रयास में लगन कम काम ज्यादा रहा। दिल्ली सरकार आज पोस्टर या ट्वीट की राजनीति नहीं करती। पहले सरकार शोर मचाती थी, हम समाधान देते हैं।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर काम कर रही है। दिल्ली सरकार ने अंत्योदय के विजन पर काम कर रही है। गरीब कल्याण पर हमारा फोकस रहा। सरकार ने पहली कैबिनेट में दस लाख के आयुष्मान योजना को मंजूरी दी। इसमें लगभग 10 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया और तीस हजार लोग इसका लाभ ले चुके हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में कोई भूखा न सोए उसके लिए अटल कैंटीन खोली गईं, जहां मात्र 5 रुपये में 70 हजार लोग प्रतिदिन खाना खा रहे हैं।
झुग्गीवासियों को देंगे फ्लैट
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि संकल्प पत्र में हमने झुग्गीवासियों के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के लिए 700 करोड़ का बजट दिया ताकि वहां विकास कार्य हो सके। झुग्गीवासियों को मकान देने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। जर्जर हो चुके फ्लैटों की मरम्मत चल रही है। जल्द 13 हजार फ्लैट तैयार होंगे और झुग्गीवासियों को मिलेंगे।
दिल्ली में न्यूनतम वेतन सबसे ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम वेतन 22400 किया गया है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। महिला मजदूरों के बच्चों को रखने के लिए 500 पालना केंद्र खोले गए ताकि वह काम करने बिना चिंता के जा सके।
पानी-सीवर पर सरकार की क्या योजना
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सबसे बड़ी आवश्यकता पानी और सीवर है। दिल्ली में सरकार ने बड़ी लाइन को बदला गया है। दिल्ली में 833 किलोमीटर पानी की लाइन बदलने के लिए टेंडर हो गए हैं। दिल्ली में 180 किलोमीटर सर्वर लाइन बदली गई है जबकि 144 किलोमीटर को बदलने के लिए टेंडर हो गए हैं। दिल्ली में चन्द्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लगभग दस विधानसभाओं को पानी मिलेगा। सरकार तीन नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बना रही है। सीएम ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा लाई गई योजना से साढ़े तीन लाख लोगों ने अपने बिल भरे, जिससे सरकार को 484 करोड़ रुपये मिले और लोगों को लगभग 1500 करोड़ की माफी मिली।
स्वास्थ्य :- रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हमने तैयार किए, जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इससे बड़े अस्पतालों पर भी बोझ कम होगा। दिल्ली सरकार 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने के लक्ष्य पर काम कर रही है। कई अस्पतालों में नए ब्लॉक बनाए गए हैं। दिल्ली के अस्पतालों में मशीनों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने नई मशीनों को लगाया है, जो अत्याधुनिक हैं। 150 डायलिसिस मशीन भी लगाई गई हैं। पिछली सरकारों में जो भ्रष्टाचार था, उसे कम किया है। दिल्ली में अब तक एक लाख आभा कार्ड बने हैं और उन्हें हीम्स के साथ जोड़ा गया है जिसमें मरीज का डेटा रहता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अंगदान के लिए भी प्रयास तेज किए हैं। दिल्ली में डॉक्टरों और नर्सों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियां की जा रही है। पिछली सरकार नर्सिंग इंटर्न को 500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 13000 रुपये किया गया है।
शिक्षा :- मुख्यमंत्री ने कहा दिल्ली की पिछली सरकार ने ढिंढोरा पीटा कि वह शिक्षा पर काम कर रही है, लेकिन वास्तव में यह झूठा है। हमारी सरकार शिक्षा को लेकर कानून लाई जिससे लाखों परिजनों को राहत मिलेगी। दिल्ली में सरकार ने 7500 कक्षा और 75 सीएमश्री स्कूल बनाए हैं। दिल्ली के स्कूलों को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है सरकार।
मुकरबा चौक अंडरपास मार्च तक पूरा होगा
इन्फ्रास्ट्रक्टर : रेखा गुप्ता ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की 1400 किलोमीटर में से डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कों को पक्का कर दिया है, जबकि 400 किलोमीटर सड़कों को बरसात से पहले पक्का किया जाएगा। बची हुई सड़कों को भी अगले वर्ष में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से अटके हुए नंद नगरी फ्लाईओवर के काम को जल्द पूरा कर जनता को समर्पित किया। बारापुला की बाधाएं दूर कर ली गई है और जून तक उसे भी शुरू करेंगे। मुकरबा चौक अंडरपास मार्च तक पूरा होगा।
राजधानी में 40 नए एफओबी बनाए जाएंगे
सीएम ने बताया कि दिल्ली में ड्रेनेज मास्टर प्लान को लेकर काम किया है। दिल्ली की जनसंख्या दोगुनी हो चुकी है, लेकिन ड्रेनेज की क्षमता नहीं बढ़ी। दिल्ली सरकार ने 56 हजार करोड़ रुपये की लागत का ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया है। कई नालों को बनाया जा रहा है ताकि दिल्ली को जलभराव से मुक्ति मिले। 72 जलभराव की जगह चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। सीएम ने बताया कि राजधानी में 40 नए एफओबी बनाए जाएंगे, जिसमे से चार पर काम शुरू हो गया है।
यमुना सफाई पर पिछला सरकारों ने ध्यान नहीं दिया
सीएम ने कहा कि जिस हालत में हमें मां यमुना मिली थी, वह बताता है कि पिछली सरकारों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में 37 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड किया जा रहा है। इनमें से 28 का काम पूरा हो चुका है। दिल्ली के सभी नालों को टैप करने का काम किया है। दिल्ली सरकार 35 नए एसटीपी बनाने के लिए काम शुरू किया है। 12 एसटीपी पुरानी जगहों पर ही बनाएं जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली की सीवर ट्रीटमेंट क्षमता 700 एमजीडी थी, जिसे 1500 एमजीडी पहुंचाने के लिए काम चल रहा है। अभी यह 814 एमजीडी हो गई है। पिछले साल 22 हजार टन सिल्ट निकाला, जिसके चलते जलभराव से राहत मिली।
दिल्ली में छह नए बायोगैस प्लांट बनाने का प्रयास
रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना का ई-फ्लो बढ़ाने के लिए पड़ोसी राज्यों से बात चल रही है। दिल्ली में लाखों गाय हमारे पास हैं। दिल्ली में 1500 टन गोबर होता है, जिसके लिए सरकार ने बायोगैस प्लांट बनाया है। यही गोबर नालों के माध्यम से यमुना में जा रहा था। दिल्ली में छह नए बायोगैस प्लांट बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
वेस्ट मैनेजमेंट पर हो रहा काम
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कूड़े के पहाड़ खड़े किए। 11 हजार टन कूड़ा उत्पादन होने पर भी केवल चार हजार टन के लिए ही क्षमता बनाई। दिल्ली सरकार इसे बढ़ा रही है। वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सरकार काम कर रही है ताकि प्रतिदिन के कूड़े का निस्तारण हो सके।




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