हांगकांग से दिल्ली आई अमेरिकी महिला के बैग से निकला 5.42 करोड़ का माल; सोना-चांदी, घड़ियां, करेंसी…
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के जरिए एक अमेरिकी पासपोर्ट धारक महिला यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वह हांगकांग से फ्लाइट नंबर CX-695 के जरिए टर्मिनल-3 पर पहुंची थी।

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के जरिए एक अमेरिकी पासपोर्ट धारक महिला यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वह हांगकांग से फ्लाइट नंबर CX-695 के जरिए टर्मिनल-3 पर पहुंची थी। उसके पास से जब्त किए गए सामान की कीमत करोड़ों में आंकी गई है। इसमें सोना, चांदी, हीरे से बने सामान और कीमती घड़ियों सहित नकदी जब्त की गई है।
कस्टम अधिकारियों ने शक के आधार पर यात्री को रोका और उसके सामान की एक्स-रे स्क्रीनिंग की। इसके बाद तय कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान महिला के पास से बड़ी मात्रा में बिना घोषित (अनडिक्लेयर) विदेशी सामान और विदेशी रुपये बरामद हुए।
1.2 Kg सोना-हीरा, 10Kg चांदी, घड़ियां…
जांच में 1.2 किलोग्राम सोना और हीरे के जेवर, 10 किलोग्राम चांदी के बर्तन, और महंगे ब्रांड की लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। इन घड़ियों में Rolex, Bvlgari, Chopard और Cartier जैसे ब्रांड शामिल हैं। इसके अलावा 9084 अमेरिकी डॉलर, 605 यूरो और 2540 हांगकांग डॉलर भी बरामद किए गए।
जब्त सामान की कुल कीमत 5.42 करोड़
जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 5.42 करोड़ रुपये आंकी गई है। कस्टम विभाग के अनुसार, इन वस्तुओं को कस्टम एक्ट, 1962 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए घोषित नहीं किया गया था। इसलिए इन्हें धारा 110 के तहत जब्त कर लिया गया।
552 ग्राम सोना लौटाया गया, जानिए क्यों?
जांच के दौरान महिला के पास से 552 ग्राम घरेलू खरीदा गया सोना भी मिला, जिसे जब्त नहीं किया गया और उसे वापस कर दिया गया। हालांकि, अवैध रूप से सामान लाने के आरोप में महिला को कस्टम एक्ट, 1962 की धारा 104 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। कस्टम विभाग ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और बरामद सामान के स्रोत तथा उद्देश्य की पड़ताल की जा रही है।
कस्टम एक्ट, 1962 के बारे में जानिए
कस्टम एक्ट, 1962 भारत में आयात-निर्यात और सीमा शुल्क से जुड़ा प्रमुख कानून है। इसका उद्देश्य कस्टम ड्यूटी की वसूली, तस्करी पर रोक और प्रतिबंधित वस्तुओं के नियंत्रण को सुनिश्चित करना है। एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमाओं पर कस्टम अधिकारी इसी कानून के तहत जांच, तलाशी और कार्रवाई करते हैं।
यात्रियों को निर्धारित सीमा से अधिक कीमती सामान या विदेशी मुद्रा लाने पर उसकी घोषणा करना और आवश्यक ड्यूटी चुकाना अनिवार्य होता है। इस कानून की धारा 110 कस्टम अधिकारियों को अवैध या बिना घोषित सामान जब्त करने का अधिकार देती है। वहीं धारा 104 के तहत गंभीर मामलों में गिरफ्तारी भी की जा सकती है।




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