RSS-BJP नेताओं को निशाना बनाने की आतंकी साजिश? दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सनसनीखेज मामले में दावा किया- इस्लामिक स्टेट और उनके कट्टरपंथी कंटेंट से प्रभावित कुछ लोग देश के सीनियर नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सनसनीखेज मामले में दावा किया- इस्लामिक स्टेट और उनके कट्टरपंथी कंटेंट से प्रभावित कुछ लोग देश के सीनियर नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। दिल्ली पुलिस ने ये दावा अदालत में दाखिल चार्जशीट में किया है। चार्जशीट इस महीने की शुरुआत में अदालत में दाखिल की गई।
BJP और RSS नेताओं को निशाना?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में स्पेशल सेल के अनुसार बताया गया है कि आरोपियों ने सीनियर भाजपा नेताओं और RSS के एक शीर्ष पदाधिकारी की हत्या की संभावनाओं पर चर्चा की थी। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दावा किया है कि इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो संदिग्ध ऑपरेटिव और उनके तीन साथी विवादित व्यक्ति जाकिर नाइक और पाकिस्तान के मौलवियों मौलाना तारिक मसूद, मौलाना तारिक जमील, डॉ. इसरार अहमद और इंजीनियर मुहम्मद अली मिर्जा के "कट्टरपंथी कंटेंट से प्रभावित" थे। ये लोग बड़े नेताओं पर हमले की योजना बना रहे थे।
चार्जशीट में दर्ज आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनकी पहचान कुछ इस तरह है। झारखंड के बोकारो निवासी 23 वर्षीय अशहर दानिश, महाराष्ट्र के कल्याण के आफताब नासिर कुरैशी (25), ठाणे के सुफियान अबुबकर खान (20), मध्य प्रदेश के राजगढ़ के कमरान कुरैशी उर्फ समर खान (27) और तेलंगाना के निजामाबाद निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) शामिल हैं।
राम राज्य अखंड भारत’ नाम से बनाया ग्रुप
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अशहर दानिश ने पहचान छिपाने के लिए ‘राम राज्य अखंड भारत’ नाम से एक ग्रुप बनाया था। इसके अलावा उसने सिग्नल ऐप पर ‘CEO कंपनी’ नाम से एक अन्य ग्रुप बनाकर खुद को उसका प्रमुख बताया। जांच में सामने आया कि पिछले साल 9 सितंबर को आफताब और सुफियान को दिल्ली से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे कथित तौर पर हथियार और गोला-बारूद लेने पहुंचे थे। इसके बाद विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया।
पाकिस्तान से जुड़े हैं दानिश के तार
चार्जशीट में कहा गया है कि एन्क्रिप्टेड चैट, सोशल मीडिया गतिविधियां और जब्त डिजिटल उपकरण अहम सबूत के तौर पर शामिल किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अशहर दानिश का संपर्क पाकिस्तान के लाहौर निवासी हसन भट्टी उर्फ हसन मुजाहिदीन से हुआ था।
जांच में यह भी आरोप है कि दानिश और कमरान ने ‘मशरिक’ नाम से एक एनजीओ बनाकर फंड जुटाने, हथियार इकट्ठा करने और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई थी। पुलिस का दावा है कि 2024 में दानिश ने परीक्षण के तौर पर टीएटीपी विस्फोटक तैयार कर उसे रांची की सुवर्णरेखा नदी में नष्ट कर दिया। मामले की आगे की जांच जारी है।




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