8 साल में 18 करोड़ की ठगी, फरीदाबाद के शख्स ने कर्मचारियों संग मिलकर कंपनी को ऐसे लगाया चूना
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW)-II ने एक बड़े कॉर्पोरेट घोटाले का खुलासा करते हुए फरीदाबाद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके ऊपर 8 सालों में 18.5 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।

गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW)-II ने एक बड़े कॉर्पोरेट घोटाले का खुलासा करते हुए फरीदाबाद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों के साथ मिलकर 8 सालों तक फर्जी वेंडर और नकली बिलों के जरिए करीब 18.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
करोड़ों की ठगी करने वाला कौन
पुलिस ने आरोपी का नाम गौरव ढींगरा बताया है। उसकी उम्र करीब 37 साल है। वह एनआईटी फरीदाबाद का रहने वाला है और बीबीए की पढ़ाई की है। पुलिस ने उसे गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सेक्टर-37 थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत Kawasaki Robotics Private Limited के प्रतिनिधि ने मई 2025 में दर्ज कराई थी। कंपनी गुरुग्राम के खांडसा क्षेत्र में स्थित है और रोबोटिक्स व ऑटोमेशन से जुड़ी सर्विस प्रदान करती है।
फर्जी इनवॉइस, फर्जी वेंडर और कर दिया कांड
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक- शिकायत में आरोप लगाया गया कि 2015 से 2023 के बीच कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने अपनी पोजीशन का दुरुपयोग करते हुए काल्पनिक वेंडर बनाए। फिर फर्जी इनवॉइस तैयार किए और बिना किसी सर्विस दिए करोड़ों रुपये के अपने या अपने सहयोगियों के बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए।
फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ खुलासा
जांच के दौरान EOW-II ने तकनीकी सहायता और पुलिस डेटाबेस की मदद से संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुल 185047513 रुपये ‘ढींगरा एंटरप्राइजेज’ से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ढींगरा ने कंपनी के कर्मचारी लविश के साथ मिलकर ‘ढींगडा एंटरप्राइज’ नाम से फर्जी फर्म बनाई और उससे जुड़े तीन बैंक खाते खुलवाए। लविश ने कंपनी में वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे भुगतान सीधे फर्जी खातों में जाता रहा।
2 दिन की रिमांड पर भेजा गया
अधिकारियों के मुताबिक, इस घोटाले के एवज में ढींगरा को करीब 5 लाख रुपये मिले। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड हासिल की है। रिमांड के दौरान अन्य संभावित आरोपियों की पहचान, ठगी की रकम का पता लगाने और संबंधित दस्तावेज बरामद करने की कार्रवाई की जाएगी।




साइन इन