दिल्ली में कैंसर, लीवर की नकली दवाएं बेचने वाले 4 गिरफ्तार, 10 करोड़ का माल जब्त
पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग कथित तौर पर कैंसर, लिवर की बीमारी और अन्य गंभीर रोगों की नकली दवाएं बनाकर बाजार में बेच रहे थे। छापेमारी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये की नकली दवाएं और मशीनरी बरामद की गई है।

दिल्ली पुलिस ने देशभर में नकली दवाएं सप्लाई करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग कथित तौर पर कैंसर, लिवर की बीमारी और अन्य गंभीर रोगों की नकली दवाएं बनाकर बाजार में बेच रहे थे। छापेमारी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये की नकली दवाएं और मशीनरी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मास्टरमाइंड मणिपुर का रहने वाला मनोज कुमार मिश्रा है। कोरोना महामारी के दौरान वह सर्जिकल ग्लव्स और मास्क का कारोबार करता था, लेकिन 2022 में कारोबार ठप होने के बाद उसने नकली दवाओं के अवैध धंधे में कदम रखा। आरोप है कि उसने “यूनिटेल फार्मा” नाम से एक नेटवर्क खड़ा किया और पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत के कई राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई शुरू कर दी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि गिरोह अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर दवाओं की पैकेजिंग तैयार करता था। पैकिंग इतनी असली लगती थी कि फार्मासिस्ट और मरीज भी असली-नकली में फर्क नहीं कर पाते थे। पुलिस का कहना है कि यह रैकेट गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहा था।
मामले में राजू मिश्रा को गिरोह का अहम सदस्य बताया गया है, जो नकली दवाओं के निर्माण में शामिल था। वहीं विक्रम सिंह और वतन सैनी पर केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) से असली दवाएं बाहर निकालकर इस गिरोह तक पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 90 हजार से ज्यादा नकली कैप्सूल और गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा भारी मात्रा में पैकेजिंग मशीनें और दस्तावेज भी मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने इस अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये की कमाई की।
दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों तक हुई। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।




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