दिल्ली में EV चार्जिंग का बूम! 10,000 के पार पहुंचे चार्जिंग पॉइंट, कुछ महीनों में जुड़े 3000
आंकड़ों की बात करें, तो कुल चार्जिंग पॉइंट की संख्या 10000 के पार पहुंच गई है। हैरत की बात तो ये है कि इनमें से 3000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बीते कुछ महीनों में ही जोड़े गए हैं।

देश-दुनिया में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को जोरों-शोरों से बढ़ावा दिया जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है। बीते एक साल की बात करें, तो शहर में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का “रिकॉर्ड” स्तर पर विस्तार हुआ है। आंकड़ों की बात करें, तो कुल चार्जिंग पॉइंट की संख्या 10000 के पार पहुंच गई है। हैरत की बात तो ये है कि इनमें से 3000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बीते कुछ महीनों में ही जोड़े गए हैं।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद का क्या कहना है
इस मामले पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद का कहना है कि चार्जिंग पॉइंट्स की तेज बढ़ोतरी नई सरकार की नीतिगत स्पष्टता और तेज अमल का नतीजा है। ड्राफ्ट EV पॉलिसी के तहत चार्जिंग इंफ्रा के विस्तार पर खास जोर दिया जा रहा है। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा- ताकि शहर में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को पूरा किया जा सके।
दिल्ली के बिजली विभाग का भी कुछ मिला-जुला कहना है। उनके अनुसार, आने वाले समय में EV चार्जिंग की मांग और बढ़ने वाली है। इसे देखते हुए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है। इस विस्तार में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की बड़ी भूमिका रही है।
1 साल में कितने चार्जिंग प्वाइंट और बैटरी स्टेशन लगे
बीएसईएस (BSES) के अधिकारियों के मुताबिक, 2025-26 में कंपनी ने 1,600 से ज्यादा EV चार्जिंग पॉइंट और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए। ये एक साल में सबसे ज्यादा हैं। अब तक BSES की दोनों डिस्कॉम- BRPL और BYPL ने मिलकर 3,400 से ज्यादा लोकेशनों पर 6,500 से अधिक चार्जिंग पॉइंट और स्वैपिंग स्टेशन लगाए हैं। इनमें करीब 49% प्राइवेट चार्जिंग पॉइंट, 44% पब्लिक और 7% कैप्टिव कैटेगरी में आते हैं। जबकि, 340 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी नेटवर्क का हिस्सा हैं। प्राइवेट चार्जिंग में घरेलू कनेक्शन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा है चार्जिंग लोड
उत्तरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर डीडीएल (TPDDL) ने भी अब तक 3,783 EV कनेक्शन सक्रिय किए हैं। इनमें से 1,641 कनेक्शन 2025-26 में ही जुड़े हैं। रोहिणी, पीतमपुरा, सिविल लाइंस, मॉडल टाउन और शालीमार बाग जैसे इलाके EV चार्जिंग की मांग के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। दिल्ली में EV चार्जिंग लोड भी तेजी से बढ़ा है। यह 2018-19 में 24 मेगावाट था, जो अब बढ़कर 227 मेगावाट से ज्यादा हो गया है। अगले दो साल में इसके 375 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिपोर्ट के मुताबिक, EV चार्जिंग के मामले में दिल्ली देश में पहले स्थान पर है। यहां देश की कुल खपत का 24.1% हिस्सा आता है। इस तरह राजधानी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और साफ-सुथरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही है।




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