दिल्ली का ड्रग तस्कर गिरफ्तारी के बाद चेन्नई जेल क्यों भेजा गया, पुलिस ने बताया…
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान अमन विहार निवासी रोशन लाल के रूप में हुई है। उसे 26 फरवरी को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (PITNDPS) एक्ट के अंतर्गत हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 44 वर्षीय एक आदतन ड्रग तस्कर को हिरासत में लेकर चेन्नई की जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक यह कदम उसके स्थानीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है और दिल्ली में ऐसा पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें किसी आरोपी को हिरासत के बाद दूसरे राज्य की जेल में भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान अमन विहार निवासी रोशन लाल के रूप में हुई है। उसे 26 फरवरी को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (PITNDPS) एक्ट के अंतर्गत हिरासत में लिया गया।
विशेष सूचना के आधार पर पुलिस ने 10 मार्च को रोशन लाल को उसके घर से गिरफ्तार किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे चेन्नई सेंट्रल प्रिजन, पुझल में स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से दूर जेल में रखने से उसके स्थानीय संपर्क और ड्रग तस्करी नेटवर्क पर असर पड़ेगा।
पुलिस के अनुसार रोशन लाल 2021 से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आबकारी उल्लंघन, चोरी और भारतीय न्याय संहिता से जुड़े चार अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
रोशन लाल पहली बार फरवरी 2021 में उस समय पुलिस के रडार पर आया था, जब अमन विहार इलाके से उसे 50 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद अप्रैल 2022 में उसे फिर से 1.4 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया।
इसके बावजूद वह अवैध गतिविधियों में शामिल रहा। नवंबर 2024 में रोहिणी इलाके में पुलिस ने उसे उसके साथी धर्मबीर उर्फ धर्मू के साथ बिना नंबर प्लेट वाले स्कूटर पर घूमते हुए पकड़ा था। तलाशी के दौरान स्कूटर की डिक्की से 310 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
पुलिस के मुताबिक रोशन लाल 4 अगस्त 2025 से अदालत से जमानत पर बाहर था, लेकिन इसके बाद भी वह ड्रग तस्करी के कारोबार में सक्रिय रहा। अधिकारियों का कहना है कि PITNDPS एक्ट संगठित ड्रग तस्करी में शामिल लोगों को रोकने के लिए निवारक हिरासत की अनुमति देता है, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।




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