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अगर एक घंटा पहले पुल टूटता तो…, दिल्ली में बच गई सैंकड़ों छात्रों की जान

दिल्ली के रूप नगर में नाले के ऊपर बने 60 फुट लंबे लोहे के पुल के गिरने से एक महिला की मौत हो गई। यह हादसा काफी बड़ा साबित हो सकता था अगर कुछ देर पहले घटता। इस पुल से 4 स्कूलों के छात्र आवाजाही करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल गिरने से करीब एक घंटे पहले सैकड़ों छात्र इससे होकर गुजरे थे।

Tue, 17 March 2026 06:15 PMSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
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अगर एक घंटा पहले पुल टूटता तो…, दिल्ली में बच गई सैंकड़ों छात्रों की जान

दिल्ली के रूप नगर में नाले के ऊपर बने 60 फुट लंबे लोहे के पुल के गिरने से एक महिला की मौत हो गई। यह हादसा काफी बड़ा साबित हो सकता था अगर कुछ देर पहले घटता। इस पुल से 4 स्कूलों के छात्र आवाजाही करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल गिरने से करीब एक घंटे पहले सैकड़ों छात्र इससे होकर गुजरे थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार सुबह उत्तरी दिल्ली के रूप नगर में नाले के ऊपर बने 60 फुट लंबे लोहे के पुल के गिरने से कुछ ही देर पहले सैकड़ों छात्र स्कूल जा रहे थे। पुल के गिरने से एक महिला की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी और भी भयावह हो सकती थी। कम से कम चार सरकारी स्कूलों के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल होने वाला यह पुल सुबह 9:30 बजे टूट गया। अगर यह पहले गिरता तो और भी कई लोगों की जान जा सकती थी।

असुरक्षित घोषित कर दिया गया था

अधिकारियों ने बताया कि पुल को पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया गया था और सार्वजनिक आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। निवासियों के अनुसार, वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण बैरिकेड्स लगाए जाने के बावजूद पुल का नियमित रूप से उपयोग जारी रहा। यह पुल गुर मंडी को रूप नगर से जोड़ता था और पास के सरकारी स्कूलों में जाने वाले छात्रों के लिए शॉर्टकट का काम करता था। इससे यात्रा का समय और दूरी कम हो जाती थी।

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सैकड़ों छात्रों की जान बच गई

एक स्थानीय महिला ने बताया कि घटना के समय अधिकांश छात्र पुल पार करके अपने स्कूलों में पहुंच चुके थे। इससे संभवतः सैकड़ों छात्रों की जान बच गई। पुलिस ने बताया कि मृतक महिला की उम्र लगभग 50 साल बताई जा रही है। वह संभवतः भिखारी थी जो पुल गिरने के समय उसके एक छोर के पास मौजूद थी। बचाव दल ने बाद में नाले से उसका शव बरामद किया।

इलाके को सील कर दिया गया

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने समन्वित बचाव अभियान चलाया। कई दमकल गाड़ियां तैनात की गईं और आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इलाके को सील कर दिया गया।

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स्कूली बच्चों के लिए महत्वपूर्ण रास्ता था

अधिकारियों ने बताया कि यह पुल सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि लोगों के आवागमन को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों और छात्रों का आरोप है कि चेतावनियों को नियमित रूप से नजरअंदाज किया जा रहा था। यह पुल दैनिक यात्रियों, विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ था।

खतरनाक स्थिति में था

कक्षा 8 की छात्रा ज़ोया सुबह 7:30 बजे स्कूल जाती है। उसने बताया कि पुल गिरने से पहले ही कुछ समय से स्पष्ट रूप से खतरनाक स्थिति में था। इसका एक हिस्सा धंसने लगा था और एक तरफ झुक गया था। खासकर उस दिशा से जहां से पानी बहता है, जिससे यह असमान और अस्थिर हो गया था। हमने रेलिंग पकड़ने से परहेज किया क्योंकि जाली फटी हुई थी और उस पर भरोसा करना और भी असुरक्षित लग रहा था। उन्होंने आगे बताया कि रूप नगर की तरफ से स्कूल जाते समय एक बार में दो-तीन बच्चों के लिए मुश्किल से ही जगह बचती है, जिससे व्यस्त समय में भीड़भाड़ हो जाती है।

खड़ा होने पर हिलने लगता था

छात्रों के एक ग्रुप ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी कोई इस पर खड़ा होता है तो ढांचा हिलने लगता था। छात्रों ने कहा कि जब हम इस पर खड़े होते थे तो यह डगमगाता था। हमें बहुत सावधानी से चलना पड़ता था, लेकिन रेलिंग पकड़ना भी असुरक्षित लगता था क्योंकि जाली टूटी हुई थी। हमें डर लगता था कि कहीं हम गिर न जाएं।

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एक बड़ी आपदा टल गई

स्थानीय लोगों ने कहा कि पुल के गिरने का समय ऐसा था कि एक बड़ी आपदा टल गई। सुबह के समय जब छात्र स्कूल जाते हैं तब इस पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि अगर यह एक घंटा पहले भी गिर जाता तो इसके परिणाम बहुत घातक हो सकते थे। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8:30 बजे के बीच सैकड़ों छात्र इस पुल का उपयोग करते हैं।

मृत महिला की पहचान के प्रयास जारी

घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में लोहे की संरचना नाले में गिरती हुई दिखाई दे रही है, जिसके कुछ हिस्से पानी में डूबे हुए हैं और मुड़ा हुआ धातु का मलबा चारों ओर बिखरा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि मृत महिला की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, ढहने के सटीक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच भी की जाएगी।

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वैकल्पिक रास्ते के निर्माण की मांग

पुलिस ने बताया कि क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया है और आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। संबंधित विभाग के अधिकारी घटनास्थल का आकलन करेंगे और आगे की कार्रवाई की योजना बनाएंगे। स्थानीय लोगों ने तत्काल एक सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते के निर्माण की मांग की। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के तकनीकी आकलन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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