झारखंड में हादसे की शिकार एयर एंबुलेंस में नहीं था ब्लैक बॉक्स, ये चूक है या कुछ और?
सूत्रों के अनुसार, झारखंड हादसे का शिकार हुआ रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का Beechcraft C90 विमान ब्लैक बॉक्स से लैस नहीं था। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ,

झारखंड के चतरा जिले में हादसे का शिकार हुए एयर एम्बुलेंस की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का Beechcraft C90 विमान ब्लैक बॉक्स से लैस नहीं था। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ, इसके पीछे की वजह जानने से पहले समझ लीजिए कि आखिर ये होता क्या है।
सबसे पहले जानिए क्या होता है ब्लैक बॉक्स
ब्लैक बॉक्स विमान में लगा दो जरूरी मशीनों वाला सैटअप होता है। इसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) शामिल होते हैं। CVR पायलटों के बीच हुई बातचीत, कॉकपिट की आवाजें और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत को रिकॉर्ड करता है, जबकि FDR विमान की उड़ान से जुड़ी तकनीकी डेटा जैसे स्पीड, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, दिशा और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर दर्ज करता है।
विमान में ब्लैक बॉक्स क्यों नहीं लगाया गया था
विमान ब्लैक बॉक्स के न होने की वजह की बात करें तो सिविल एविएशन नियमों के मुताबिक 5700 Kg से कम अधिकतम टेकऑफ वजन वाले विमानों में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) होना जरूरी नहीं हैं। संबंधित विमान इसी कैटेगरी में आता था, इसलिए उसमें ब्लैक बॉक्स नहीं लगाया गया था।
सामने खड़ी हुई एक और चुनौती
ऐसे में एक चुनौती और खड़ी हो गई है। वो है- जांच से जुड़ी। बताया जा रहा है कि यह विमान मेडिकल इवैक्युएशन यानी एयर एंबुलेंस सेवा में तैनात था। ब्लैक बॉक्स न होने से हादसे के कारणों की जांच तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अब जांच एजेंसियों को अन्य सबूतों पर निर्भर रहना पड़ेगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की निगरानी में मामले की जांच जारी है।
ब्लैक बॉक्स काला नहीं होता, कैसे होती है सुरक्षा
ब्लैक बॉक्स के बारे में दो बातें और बताते हैं। ये बेहद मजबूत सामग्री से बने होते हैं। इन्हें आग, पानी या भारी टक्कर के बाद भी सुरक्षित डेटा बचाए रखने के लिए डिजाइन किया जाता है। आम धारणा के विपरीत इनका रंग काला नहीं, बल्कि चमकीला नारंगी होता है, ताकि दुर्घटना के बाद इन्हें आसानी से खोजा जा सके। किसी भी विमान हादसे की जांच में ब्लैक बॉक्स सबसे अहम साक्ष्य माना जाता है।
एयर एंबुलेंस हादसे में हुई है 7 की मौत
अंत में आपको बताते चलें कि झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना के जंगल में रांची से दिल्ली जा रहा एयर एंबुलेंस विमान क्रैश हो गया था। विमान में कुल 7 लोग सवार थे। इनमें दो पायलट, एक डॉक्टर, एक नर्स और एक मरीज के साथ उनके दो सहयोगी शामिल थे।
एएनआई के इनपुट भी शामिल हैं।




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