ranchi school fee rules 10 percent limit new guidelines jharkhand education 2 साल से पहले नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, अधिकमत वृद्धि भी तय; रांची के प्राइवेट स्कूलों पर कसी लगाम, Jharkhand Hindi News - Hindustan
More

2 साल से पहले नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, अधिकमत वृद्धि भी तय; रांची के प्राइवेट स्कूलों पर कसी लगाम

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के तहत रांची जिले में जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक सोमवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में हुई।

Tue, 7 April 2026 11:50 AMRatan Gupta हिन्दुस्तान, रांची
share
2 साल से पहले नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, अधिकमत वृद्धि भी तय; रांची के प्राइवेट स्कूलों पर कसी लगाम

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के तहत रांची जिले में जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक सोमवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी निजी विद्यालय अपनी आंतरिक शुल्क समिति की सहमति से अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी। इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला समिति की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।

निर्देश दिया गया कि विद्यालयों को पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों का कक्षावार शुल्क विवरण और सत्र 2026-27 का प्रस्तावित शुल्क भी समिति को उपलब्ध कराना होगा। विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन अनिवार्य किया गया है। इससे संबंधित जानकारी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:झारखंड में JPSC के पूर्व EC समेत 17 पर चार्जशीट, क्या है मामला?
ये भी पढ़ें:झारखंड में रामगढ़ की इस्पात फैक्ट्री में भीषण विस्फोट; 2 की मौत, 7 झुलसे

पुस्तकों के मामले में स्पष्ट किया गया कि एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त किसी भी सहायक पुस्तक को बाध्यकारी नहीं बनाया जा सकेगा। पुस्तकों में बदलाव पांच वर्षों से पहले नहीं होगी। परिवहन शुल्क, यूनिफॉर्म और अन्य शुल्कों पर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। विद्यालय किसी विशेष दुकान से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे और न ही स्कूल परिसर में बिक्री कर पाएंगे।

वहीं, किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से रोकने या अतिरिक्त शुल्क लेने पर भी रोक लगाई गई है। आरटीई अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी। बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र रांची, लोहरदगा एवं खूंटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र रांची एवं खिजरी उपस्थित थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सीएम हेमंत सोरेन के कहने पर 1-2 लोगों को टिकट दिया, तेजस्वी यादव
ये भी पढ़ें:झारखंड में 2338 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं में पाई गई गड़बड़ी!

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के अध्यक्ष उपायुक्त रांची बनें। सदस्य सचिव डीईओ, डीटीओ व डीएसई बनाए गए। सदस्य सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट), निजी विद्यालय के दो प्राचार्य, रांची जिले के सभी सांसद सदस्य, रांची जिले के सभी विधानसभा सदस्य, दो अभिभावक सदस्य बनाए गए।

● सभी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना होगा

● विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

● एनसीईआरटी की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

● प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

● अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं ले सकेंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:साले से बात करने पर भाई ने 13 साल की बहन का किया मर्डर, पिता संग ठिकाने लगाई लाश
ये भी पढ़ें:तब्लीगी जलसा में उमड़ी भीड़, 10 लाख लोग पहुंचने का दावा, ट्रैफिक सिस्टम हुआ फेल

● कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

● बैठक में निर्णय लिया गया कि परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

● सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य रूप से करना होगा।

● 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि की सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

● 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।