Irregularities found in water supply schemes worth Rs 2338 crore in Jharkhand झारखंड में 2338 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं में पाई गई बड़ी गड़बड़ी! CNO जांच में खुलासा, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में 2338 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं में पाई गई बड़ी गड़बड़ी! CNO जांच में खुलासा

झारखंड राज्य के पांच जिलों में चल रही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं की जांच में सेंट्रल नोडल ऑफिसर (सीएनओ) की टीम ने कई खामियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि 2338 करोड़ों रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं में कई तरह की खामियां पाई गई हैं।

Tue, 7 April 2026 10:12 AMRatan Gupta हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में 2338 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं में पाई गई बड़ी गड़बड़ी! CNO जांच में खुलासा

झारखंड राज्य के पांच जिलों में चल रही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं की जांच में सेंट्रल नोडल ऑफिसर (सीएनओ) की टीम ने कई खामियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि 2338 करोड़ों रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं में न केवल निर्माण संबंधी बड़ी खामियां थीं, बल्कि प्रक्रियात्मक स्तर पर भी गंभीर लापरवाही बरती गई।

इन जिलों की योजनाओं में पाई गईं खामियां

कोडरमा, पाकुड़, साहिबगंज, पलामू और रांची में चल रही तीन एमवीएस और दो बीडब्ल्यूएस परियोजनाओं का निरीक्षण पिछले साल अगस्त-सितंबर में किया गया था। विशेष रूप से कोडरमा में ओवरहेड टैंक (ओएचटी) के गिरने और पलामू में स्रोत की अनिश्चितता जैसे मुद्दों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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निरीक्षण में पाई खामियों की बात बीते 27 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अपेक्स कमेटी की बैठक में उठी। अपेक्स कमेटी की सिफारिशों के आधार पर परियोजना की एक अपडेट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी है, ताकि अटकी हुई योजनाओं को गति दी जा सके।

साहिबगंज-गोड्डा-दुमका: भूमि संबंधी समस्याओं से देरी

साहिबगंज-गोड्डा-दुमका में यह मेगा बीडब्ल्यूएस योजना है। इंटेक फ्लोटिंग जेट्टी और आरसीसी ब्रिज का काम शुरू नहीं हुआ। इनके पूरा होने के बिना इनका चालू होना संभव नहीं है। भूमि संबंधी समस्याओं के कारण जीएसआर परियोजनाओं में देरी हुई है। रेलवे क्रॉसिंग पहले से लंबित है। एटीआर के मुताबिक, सीडीओ द्वारा इंटेक फ्लोटिंग जेट्टी की डिजाइन बीते 13 फरवरी को जमा कर दी गई है। आरसीसी पुल की डिजाइन और ड्राइंग का निरीक्षण आईआईटी चेन्नई किया। सीडीओ कार्यालय ने 26 फरवरी को इसे अनुमोदित कर दिया है। रेलवे क्रॉसिंग के लिए एनओसी मिल गई है।

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सेंट्रल नोडल ऑफिसर की टीम ने परियोजना में 59.32 करोड़ की लागत कम करने की संभावना जताई थी। वहीं, एटीआर के मुताबिक, परियोजना की 38% भौतिक और 20% वित्तीय प्रगति है। स्वीकृत डीपीआर के अनुसार परियोजना के कार्य का निष्पादन किया जा रहा है।