झारखंड में इस्पात फैक्ट्री में विस्फोट, 2 की मौत, 7 झुलसे; मृतकों के परिजनों को 21 लाख मुआवजा
हेसला स्थित झारखंड इस्पात फैक्ट्री में सोमवार तड़के विस्फोट से दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं सात लोग बुरी तरह से झुलस गए। घायलों का इलाज रामगढ़ व रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा है।

हेसला स्थित झारखंड इस्पात फैक्ट्री में सोमवार तड़के विस्फोट से दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं सात लोग बुरी तरह से झुलस गए। घायलों का इलाज रामगढ़ व रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा है। मृतकों में महुआटांड़ हेसला के अशोक बेदिया व रामगढ़ के अखिल राय शामिल हैं। इधर, घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सुबह छह बजे से फैक्ट्री गेट और गिद्दी-नयीसराय मार्ग 16 घंटे जाम रखा।
इलाज के दौरान 2 मजदूरों की मौत
घायलों के अनुसार, फैक्ट्री में तड़के 4:30 बजे फर्नेस नंबर चार डी-2 में धमाका हुआ और बॉयलर फट गया। इससे नौ मजदूर बुरी तरह झुलस गए। सबको रामगढ़ के होप अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद 7 मजदूरों को रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया। रांची में इलाज के दौरान अशोक बेदिया और अखिल राय की मौत हो गई। दो और मजदूरों की हालत नाजुक है।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा 21 लाख मुआवजा
ये सात मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। महुआटांड़ हेसला के सुरेश बेदिया, बृजलाल बेदिया, अरगड्डा के राजू झा, छोटू साव, रांची रोड के श्यामदेव बरई, महेश महतो, राजबल्लभ यादव। ग्रामीणों का आंदोलन त्रिपक्षीय वार्ता के बाद रात 10 बजे समाप्त हो गया। सहमति बनी कि मृतकों के आश्रितों को 21 लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। वहीं घायलों के बेहतर इलाज का जिम्मा फैक्ट्री प्रबंधन उठाएगा। दिव्यांग होने पर आश्रित को नौकरी दी जाएगी। इसे लेकर प्रबंधन की ओर से लिखित भी दिया गया।
फैक्ट्री में काम ठप, लापरवाही के आरोप
मजदूरों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है। हादसे के दौरान मजदूर छोटू साव ने कार्यस्थल से कूद कर किसी तरह अपनी जान बचाई। उसे सीने में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद से फैक्ट्री में कामकाज पूरी तरह से ठप है।




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