हेमंत सरकार 24 को पेश करेगी ‘अबुआ दिशोम बजट’, महिला किसानों की आय बढ़ाने व इन बातों पर रहेगा जोर
हेमंत सरकार राज्य की मंईयां को स्वरोजगार के लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रही है। इसके तहत बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20,000 रुपए का लोन दिया जाएगा। इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड व अन्य बैंकों के साथ बैठक हो चुकी है।

झारखंड विधानसभा में 24 फरवरी को पेश होने जा रहा हेमंत सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का ‘अबुआ दिशोम बजट’ झारखंड की महिला किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। विश्व स्तर पर वर्ष 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किया है। इसी पृष्ठभूमि में हेमंत सरकार राज्य की महिला किसानों को विकास का केंद्रीय आधार बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, महिला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कृषि आधारित उद्यमी बनाने को बजट में दो विशेष योजनाओं की घोषणा संभव है।
महिला किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर
राज्य में करीब 38 लाख किसानों में महिलाओं (19 लाख) की आधी हिस्सेदारी है। खेती-किसानी में उनकी बराबरी की भागीदारी को नीति-स्तर पर मान्यता देने की तैयारी है। महिला किसानों की आय संवर्धन एवं मार्केट लिंक के लिए नई योजना लाई जा सकती है। इस योजना के तहत कृषि गतिविधियों में महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके द्वारा तैयार कृषि उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए विशेष मार्केट लिंक, FPO और सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को संस्थागत रूप दिया जा सकता है। उद्देश्य महिला किसानों को ‘मजदूर’ नहीं, ‘उद्यमी’ के रूप में स्थापित करना। हेमंत सरकार महिला किसानों को व्यवसाय की ओर ले जाने की तैयारी में है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद प्रस्ताव सीएम कार्यालय भेजा गया है।
मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना लाने की तैयारी
हेमंत सरकार राज्य की मंईयां को स्वरोजगार के लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रही है। इसके तहत बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20,000 रुपए का लोन दिया जाएगा। इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड व अन्य बैंकों के साथ बैठक हो चुकी है। बैकों ने इस योजना को लेकर एकमत से सहमति जतायी है। इस योजना को बजट का हिस्सा बनाए जाने की पूरी संभावना है।
बजट का बढ़ता आकार और महिला किसानों पर जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए का ‘अबुआ दिशोम बजट’ लाने की तैयारी है। आकार में यह अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। कृषि कार्यबल में बड़ी हिस्सेदारी के बावजूद भू-स्वामित्व व वित्तीय पहुंच में महिलाओं की हिस्सेदारी सीमित रही है। नया बजट इन असमानताओं को कम करने में ठोस कदम साबित हो सकता है। बजट महिला किसानों के ‘विकास की धुरी’ बन सकता है।
गांवों की मजबूती पर बल
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागों को ऐसा बजट तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले। बजट में सामाजिक कल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण व ग्रामीण विकास पर विशेष बल रहेगा। चतरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की स्थापना का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। राज्य में ही समग्र उपचार की दिशा में पहल भी संभावित है।
सिंचाई क्षमता बढ़ाई जाएगी
राज्य के पठारी क्षेत्रों में मिट्टी क्षरण और वर्षा जल रोकने के लिए मेडबंदी पर विशेष प्रावधान संभव है। बजट में वर्षा जल संचय व जल संरक्षण को महिला किसानों की भागीदारी से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि खेती की उत्पादकता और सिंचाई क्षमता दोनों बढ़ें।




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