वैलेंटाइन-डे पर मंगेतर से विवाद, झारखंड की युवती ने IIT कानपुर में दी जान; दरवाजा खटखटाते रह गए दोस्त
अंजू को डायरी लिखने का शौक था। मौके से फॉरेंसिक टीम को आधी भरी हुई डायरी भी मिली, जिसके कुछ पन्ने फटे हुए थे। पुलिस की मानें तो फटे पन्नों का मामूली मिलान करने पर देखा गया कि अंजू ने सुसाइड के पहले कुछ शेरो शायरी जैसी लिखी थी।

वैलेंटाइन डे पर शनिवार को मंगेतर से फोन पर हुए विवाद के बाद झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा की रहने वाली जूनियर लैब टेक्नीशियन ने IIT कानपुर परिसर में अपने हॉस्टल कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमरे से एक डायरी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
जादूगोड़ा निवासी राजनंदन रविदास की 26 वर्षीय बेटी अंजू तीन वर्षों से IIT में जूनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थी। कैंपस कर्मियों के अनुसार, उसकी शादी ओडिशा में पावर हाउस में तैनात प्रताप से तय हुई थी। 25 सितंबर को IIT के गेस्ट हाउस में दोनों की सगाई हुई थी। उसकी नियुक्ति 14 जून 2022 से केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में हुई थी।
बताया जा रहा है कि वैलेंटाइन डे पर शनिवार सुबह अंजू की मंगेतर प्रताप से बातचीत के दौरान कहासुनी हो गई थी। इस पर गुस्साई अंजू ने सुसाइड करने की बात कहते हुए कॉल काट दिया और पंखे के कुंडे से फांसी लगा ली। हालांकि मंगेतर ने तुरंत कैंपस में रहने वाले अंजू के दोस्त सूरज को फोन कर कमरे में भेजा। सूरज दौड़ते हुए अंजू के कमरे पर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा खटखटाता रहा। दरवाजा नहीं खुला तो सुरक्षा कर्मियों और प्रबंधन को जानकारी दी गई।
IIT प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। ADCP पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि अंजू के जुड़वां भाई ने कुछ समय पहले आत्महत्या की थी, जिसके बाद से उसके तनाव में रहने की बात सामने आई है। मंगेतर से फोन पर विवाद की जानकारी भी मिली है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
जुड़वां भाई की मौत के बाद से तनाव में थी अंजू
IIT परिसर में अपने कमरे में जान देने वाली जूनियर लैब टेक्नीशियन अंजू लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी। परिजनों के अनुसार, UPSC की तैयारी कर रहे उसके जुड़वां भाई की करीब डेढ़ साल पहले हुई मौत के बाद से वह गहरे तनाव में थी और खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानती थी। अंजू के मंगेतर प्रताप कुमार पासवान, जो पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में ओडिशा के कोरापुट जिले में जूनियर इंजीनियर हैं। प्रताप ने बताया कि अंजू भावनात्मक रूप से परेशान रहती थी। पहले काउंसिलिंग भी कराई गई थी।
डायरी में लिखी आखिरी दास्तान के पन्ने फाड़े
अंजू को डायरी लिखने का शौक था। मौके से फॉरेंसिक टीम को आधी भरी हुई डायरी भी मिली, जिसके कुछ पन्ने फटे हुए थे। पुलिस की मानें तो फटे पन्नों का मामूली मिलान करने पर देखा गया कि अंजू ने सुसाइड के पहले कुछ शेरो शायरी जैसी लिखी थी। पुलिस पन्नों के फटे टुकड़ों का मिलान कराएगी। मंगेतर प्रताप की मानें तो दोनों की सगाई 25 सितंबर को हुई थी। दोनों ने अपनी शादी नवंबर में करने की सोची थी।




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