हजारीबाग बंद के बाद भाजपा ने किया झारखंड बंद का ऐलान, कल्पना सोरेन पर साधा निशाना; वजह और डेट?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को नई दिल्ली में अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्ष पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में विधि व्यवस्था ध्वस्त और अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को नई दिल्ली में अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्ष पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में विधि व्यवस्था ध्वस्त और अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।
आदित्य साहू ने कहा कि दो दिनों में अगर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो दो अप्रैल को भाजपा जिला और प्रखंड मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकालेगी। तीन अप्रैल को झारखंड बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामनवमी मंगलवारी जुलूस में घूमने गई नाबालिग के साथ अपराधियों ने दुष्कर्म किया। उसकी हत्या के बाद आंख निकाले, दांत तोड़े, जीभ काटे। यह अपराध की पराकाष्ठा है। सीएम ने घटना के छह दिन बाद भी न इसकी निंदा की है और न ही कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के वित्त मंत्री कुछ पैसे देकर परिवार के जख्म को भरना चाहते हैं। ये संवेदनहीन सरकार है। प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष एवं सांसद डॉ प्रदीप वर्मा, सांसद ढुल्लू महतो भी उपस्थित थे।
कल्पना सोरेन मौन क्यों
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने भी रांची में प्रेसवार्ता की। कहा कि जब झारखंड की बेटियों के साथ निर्मम घटनाएं घट रही हैं, तब कल्पना सोरेन मौन क्यों हैं। क्या कल्पना ने हजारीबाग की मासूम बेटी के दर्द को व्यक्त करने का साहस दिखाया? जहां वह चीख-चीख कर कहती थीं झारखंड झुकेगा नहीं, वही झारखंड अब अपराधियों और बलात्कारियों के सामने झुका दिया गया है।
हजारीबाग में नाबालिग से दुष्कर्म और फिर हत्या मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को संज्ञान लिया। साथ ही राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने शपथपत्र के जरिए जवाब मांगते हुए पीड़िता के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया। साथ ही यह मामला आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के पास स्थानांतरित कर दिया।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत शिकरवार ने इस मामले को कोर्ट के समक्ष उठाया। उन्होंने अदालत को घटना की जानकारी दी और मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जांच का आग्रह किया।
सुनवाई के दौरान डीजीपी व हजारीबाग एसपी मोबाइल के जरिए सुनवाई में शामिल हुए। कोर्ट ने हजारीबाग एसपी से पूछा कि घटना 24 मार्च की है, 25 मार्च को केस दर्ज हुआ, लेकिन 30 मार्च तक छह दिन बीतने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी।




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