रांची रिम्स में डॉक्टर कर रहे आंदोलन, 6 अप्रैल से हड़ताल की दी चेतावनी; क्या वजह?
रांची रिम्स में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में डॉक्टर हर सोमवार को अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वे काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं।

रांची रिम्स में जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में डॉक्टर हर सोमवार को अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वे काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं।
डॉक्टरों के आंदोलन की क्या वजह?
डॉक्टरों का कहना है कि झारखंड के अन्य मेडिकल कॉलेजों की तुलना में रिम्स के जूनियर डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है। इस असमानता को लेकर लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी कारण अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में डॉ जयदीप कुमार ने कहा कि यह केवल रिम्स का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राज्य के जूनियर डॉक्टरों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जूनियर डॉक्टरों ने 6 से हड़ताल की दी चेतावनी
रिम्स के जूनियर डॉक्टर डॉ शुभम जोशी ने कहा कि डॉक्टर मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं। डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी अपनी समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 अप्रैल से राज्यभर के जूनियर डॉक्टर संघहड़ताल पर चले जाएंगे। इससे ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।
रांची से जुड़ी एक अन्य खबर, जो देगी आपको खुशी
रांची से जुड़ी एक अन्य खबर से भी आपको अवगत कराते हुए चलते हैं। रांची जिले को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि रांची को झरनों का शहर के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। सभी अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया, जिससे रात्रिकालीन सुविधाएं बेहतर होंगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।




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