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1 जुलाई से RBI का नया नियम, बिना आवेदन किए कर्जदारों को आपदा में राहत दे सकेंगे बैंक

अब बाढ़, भूकंप, तूफान या अन्य आपदा की स्थिति में बैंक अपने ग्राहकों को बिना आवेदन के ही कर्ज की किस्तों में राहत दे सकेंगे। यह नया नियम एक जुलाई से लागू होगा और इसका सीधा फायदा लाखों कर्जदारों को मिलेगा।

Tue, 5 May 2026 08:02 AMDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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1 जुलाई से RBI का नया नियम, बिना आवेदन किए कर्जदारों को आपदा में राहत दे सकेंगे बैंक

प्राकृतिक आपदा के समय कर्जदारों को राहत देने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आरबीआई ने बैंकों को विशेष अधिकार दे दिए हैं। अब बाढ़, भूकंप, तूफान या अन्य आपदा की स्थिति में बैंक अपने ग्राहकों को बिना आवेदन के ही कर्ज की किस्तों में राहत दे सकेंगे। यह नया प्रावधान एक जुलाई से लागू होगा और इसका सीधा फायदा लाखों कर्जदारों को मिलेगा।

अब तक व्यवस्था यह थी कि राहत पाने के लिए ग्राहक को खुद बैंक में आवेदन करना पड़ता था, जिसके बाद ही बैंक उसकी स्थिति की जांच कर राहत देता था। लेकिन नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया बदल दी गई है। अगर कोई क्षेत्र आपदा से प्रभावित होता है, तो बैंक खुद ऐसे ग्राहकों की पहचान करेंगे और उन्हें किस्त चुकाने में राहत देंगे। यानी अब राहत पाने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।

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गौरतलब है कि प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए इन नियमों में बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। केंद्रीय बैंक ने इस साल जनवरी में मसौदा जारी कर सुझाव मांगे थे और अब अंतिम रूप देकर इसे लागू करने का फैसला किया है। पहले इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन बैंकों की तैयारी को देखते हुए समय बढ़ाकर एक जुलाई कर दिया गया।

45 दिनों के भीतर प्रक्रिया शुरू करनी होगी

आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि प्राकृतिक आपदा की पहचान एसडीआरएफ या एनडीआरएफ के मानकों के आधार पर होगी। जैसे ही किसी क्षेत्र को आपदा प्रभावित घोषित किया जाएगा, बैंकों को 45 दिनों के भीतर राहत प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आपदा के समय लोगों की आय पर अचानक असर पड़ता है और कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाता है। नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई ग्राहक राहत से बाहर रहना चाहता है तो वह 135 दिनों में आवेदन कर सकता है।

अकाउंट का एक्टिव रहना जरूरी

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि केवल वही कर्जदार राहत के पात्र होंगे, जिनका खाता एक्टिव होगा। बैंकिंग भाषा में इसे ‘मानक खाता’ कहा जाता है। इसके साथ ही कर्ज भुगतान में 30 दिन से ज्यादा की देरी न हुई हो। जिन खातों में लंबे समय से किस्त नहीं चुकाई गई है, उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह से बैंक राहत के तौर पर ऋण से जुड़ी किस्तों को जमा करने के लिए अतिरिक्त समय कर्जदार को दे सकेंगे।

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पुराने लोन पर नए नियम लागू नहीं

आरबीआई के अनुसार, नए नियम केवल भविष्य में दिए जाने वाले कर्जों पर लागू होंगे। पुराने कर्जों के मामलों में पहले से लागू नियम ही प्रभावी रहेंगे। इससे बैंकों को नई व्यवस्था लागू करने में आसानी होगी और पुराने मामलों में भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।

यह राहत मिल सकती है

नए नियमों के तहत बैंक कर्जदारों को कई तरह की राहत दे सकेंगे। इसमें किस्तों के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देना, कुछ समय के लिए किस्त टालना या पुनर्गठन जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इससे प्रभावित लोगों को तुरंत आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है और वे अपने जरूरी खर्चों को संभाल पाएंगे।

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