NSE की नई सुविधा: शेयरों की तरह ‘असली सोना’ खरीद सकेंगे निवेशक
अभी देश में सोना परंपरागत रूप से भौतिक रूप में खरीदा जाता रहा है, जिससे कीमतों में अलग-अलग जगहों पर अंतर रहता है। नई व्यवस्था इस अंतर को कम कर सकती है और एक समान कीमत तय करने में मदद करेगी। वर्तमान में एनएसई पर गोल्ड डेरिवेटिव्स और गोल्ड ईटीएफ का कारोबार होता है।

देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (EGR) की शुरुआत कर दी है। इसके जरिए निवेशकों को सोने में निवेश करने का एक और विकल्प मिलेगा। इसके जरिए निवेश शेयरों की तरह सोने की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। यह फिजिकल गोल्ड होगा, जिसे लंबी अवधि तक निवेशक डीमैट खाते में ईजीआर के रूप में रख सकेंगे।
इससे पहले बीएसई ने इसकी शुरुआत की थी। इस नई व्यवस्था में अब फिजिकल गोल्ड की खरीद-बिक्री पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जा सकेगी और कीमत तय करने की प्रक्रिया भी ज्यादा साफ और भरोसेमंद बनेगी। अभी देश में सोना परंपरागत रूप से भौतिक रूप में खरीदा जाता रहा है, जिससे कीमतों में अलग-अलग जगहों पर अंतर रहता है। नई व्यवस्था इस अंतर को कम कर सकती है और एक समान कीमत तय करने में मदद करेगी। वर्तमान में एनएसई पर गोल्ड डेरिवेटिव्स और गोल्ड ईटीएफ का कारोबार होता है।
चांदी 6800 रुपये उछली, सोना टूटा
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत 6,800 रुपये चढ़कर 2.49 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,000 रुपये, यानी 1.3 प्रतिशत टूटकर 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। गुरुवार को इसकी कीमत 1,54,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
कौन कर सकता है निवेश
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद का कारोबार स्टॉक एक्सचेंजों पर शेयरों की खरीद-बिक्री की तरह किया जाता है। इसके लिए निवेशक के पास डीमैट खाता होना जरूरी है। शेयरों की तरह ही एक्सचेंज पर किसी खास समय पर सोने की कीमत दिखेगी। सुविधानुसार निवेशक अपनी मर्जी से उसकी खरीद-बिक्री कर सकते हैं। खरीदा सोना डीमैट खाते में जमा किया जाएगा। इसकी इलेक्ट्रॉनिक रसीद जारी की जाएगी।
ऐसे होती है खरीद-बिक्री
यदि किसी निवेशक ने आज 50 ग्राम सोना खरीदा है और तीन महीने बाद उसकी कीमत बढ़ती है तो उसे बेचने के लिए उसे सिर्फ सेल का बटन दबाना होगा। सोने की तात्कालिक कीमत के हिसाब से रकम आपके खाते में आ जाएगी।
निवेशक ध्यान रखें
ईजीआर के जरिये छोटे निवेशक, आयातक, बैंक, सर्राफा कारोबारी, आभूषण बनाने वाले और खुदरा विक्रेता सोने की खरीद बिक्री कर सकते हैं। खासतौर पर छोटे निवेशक कम मात्रा में सोने में निवेश कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें पूरा सोना खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है गोल्ड रसीद
एनएसई के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद दरअसल भौतिक सोने का डिजिटल रूप है। यानी हर इलेक्ट्रॉनिक रसीद खरीदने पर उतना ही मात्रा में असली सोना डिपॉजिटरी सिस्टम में सुरक्षित रखा जाता है। उसके बदले निवेशक को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रसीद दी जाएगी, जिसमें पूरा ब्योरा दर्ज होगा। निवेशक चाहें तो इसे बाजार में खरीद-बेच सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे असली सोने में भी बदल सकते हैं।




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