इस शेयर ने ₹1 लाख को बना दिया ₹14 करोड़, जानें कैसे और कितने साल में, क्या करती है कंपनी?
हिंदुस्तान जिंक पहले सिर्फ जिंक बनाती थी, लेकिन अब चांदी भी बड़ा हिस्सा है। कंपनी 627 टन चांदी का उत्पादन कर रही है। अगर 2002 में किसी ने इस कंपनी में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उनकी कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये हो जाती।

हिंदुस्तान जिंक दुनिया की सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनियों में से एक है। इसने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया है, जिसके बारे में अधिकतर लोग सिर्फ सपना देख सकते हैं। साल 2002 में सरकार ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेची थी। उसके बाद अनिल अग्रवाल की कंपनी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने इसे खरीदा। तब से लेकर अब तक (लगभग 24 सालों में) हिंदुस्तान जिंक ने निवेशकों को 1,400 गुना रिटर्न दिया है।
1 लाख कैसे बने 14 करोड़
अगर 2002 में किसी ने इस कंपनी में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उनकी कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये हो जाती। कंपनी की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने शेयरहोल्डर्स को लिखे पत्र में बताया, "प्राइवेटाइजेशन के बाद हिंदुस्तान जिंक ने करीब 33% की सालाना दर (CAGR) से कुल मिलाकर 1400 गुना रिटर्न दिया है।"
सफलता की कहानी
मार्च 2002 में सरकार ने 445 करोड़ रुपये में 26% हिस्सेदारी बेची। नवंबर 2003 में 324 करोड़ रुपये में 19% और हिस्सा बेचा गया। साल 2021 से 2026 के बीच कंपनी की आय (रेवेन्यू) 22,600 करोड़ से बढ़कर 40,800 करोड़ हो गई (लगभग 81% की बढ़ोतरी)। मुनाफा (PAT) 8,000 करोड़ से बढ़कर 13,800 करोड़ हो गया। हाल ही में जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में मुनाफा 68% बढ़कर 5,033 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी का फोकस चांदी पर
हिंदुस्तान जिंक पहले सिर्फ जिंक बनाती थी, लेकिन अब चांदी भी बड़ा हिस्सा है। कंपनी 627 टन चांदी का उत्पादन कर रही है। चांदी की मांग सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ रही है, जिससे कंपनी को फायदा होगा।
आगे की क्या है योजना
कंपनी 2027 तक 1,150 किलोटन मेटल निकालने का लक्ष्य रखी है। साल 2028 तक अपनी 70% बिजली जरूरतें रिन्यूअल एनर्जी से पूरी करेगी। इससे लागत घटेगी। आने वाले समय में कंपनी सिर्फ जिंक और चांदी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दूसरी महत्वपूर्ण धातुओं में भी कदम रखेगी।
क्यों है ये कहानी खास?
2002 से पहले भारत जिंक आयात करता था। आज हिंदुस्तान जिंक की बदौलत देश आत्मनिर्भर है। प्रिया अग्रवाल हेब्बर के मुताबिक, ये साबित करता है कि सही नीतियों और मेहनत से कितना बड़ा बदलाव आ सकता है।
धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए क्या हैं टिप्स
अगर आप लॉन्ग टर्म निवेश के बारे में सोच रहे हैं, तो हिंदुस्तान जिंक की मजबूत वित्तीय सेहत, बढ़ती चांदी की मांग और कम लागत वाले उत्पादन के चलते यह एक अच्छा उदाहरण है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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