Meesho Q4 Revenue increased by 47pc, Meesho shares gain 35pc in last 30 days, check HSBC indicators 30 दिन में 35% तक चढ़ गए शेयर, Q4 में इस ई-कॉमर्स कंपनी का रेवेन्यू 47% बढ़ा; HSBC ने निवेशकों को दिया बड़ा संकेत, Business Hindi News - Hindustan
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30 दिन में 35% तक चढ़ गए शेयर, Q4 में इस ई-कॉमर्स कंपनी का रेवेन्यू 47% बढ़ा; HSBC ने निवेशकों को दिया बड़ा संकेत

मीशो (Meesho) के चौथी तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में 8% तक की तेजी देखने को मिली। कंपनी का रेवेन्यू 47% बढ़ा और घाटा घटकर ₹166 करोड़ रह गया। हालांकि, EBITDA लॉस और नेगेटिव फ्री कैश फ्लो अभी भी चिंता का कारण बने हुए हैं। 

Thu, 7 May 2026 12:09 PMSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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30 दिन में 35% तक चढ़ गए शेयर, Q4 में इस ई-कॉमर्स कंपनी का रेवेन्यू 47% बढ़ा; HSBC ने निवेशकों को दिया बड़ा संकेत

भारत की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी मीशो (Meesho Ltd.) के लिए गुरुवार (7 मई 2026) का दिन शेयर बाजार में शानदार बढ़त लेकर आया। चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयरों में 8% तक का उछाल देखा गया। हालांकि, कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी हद तक कम हुआ है, लेकिन गहराई से आंकड़ों को देखने पर विशेषज्ञों ने कुछ गंभीर चिंताएं भी जाहिर की हैं। आइए समझते हैं कि मीशो के ताजा नतीजों में क्या सकारात्मक है और कहां पेच फंसा है।

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कंपनी की आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मीशो (Meesho) का रेवेन्यू एक साल पहले के ₹2,399.9 करोड़ से बढ़कर ₹3,531.2 करोड़ पहुंच गया, यानी करीब 47% की मजबूत ग्रोथ दर्ज हुई। यह दिखाता है कि कंपनी का ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और ग्राहक लगातार प्लेटफॉर्म पर खरीदारी कर रहे हैं। खास बात यह रही कि कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹166.3 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा ₹1,391 करोड़ था। हालांकि, पिछले साल के आंकड़ों में एक बड़ा एक्सेप्शनल लॉस भी शामिल था, इसलिए असल तुलना करने पर तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है।

अगर EBITDA यानी ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें, तो यहां चिंता बढ़ती दिखाई दी। कंपनी का EBITDA घाटा बढ़कर ₹254.72 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹230.8 करोड़ था। इसका मतलब है कि कंपनी अभी भी अपने खर्चों को पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर पाई है। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी का कंट्रीब्यूशन मार्जिन 4% रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले बेहतर है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी धीरे-धीरे अपनी कमाई की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश कर रही है।

एक और बड़ा सवाल कंपनी के फ्री कैश फ्लो को लेकर खड़ा हुआ है। पिछले 12 महीनों में मीशो (Meesho) का फ्री कैश फ्लो ₹591 करोड़ के पॉजिटिव स्तर से गिरकर ₹633 करोड़ के नेगेटिव स्तर पर पहुंच गया। इसका मुख्य कारण लॉजिस्टिक्स पर बढ़ता खर्च और नए निवेश बताए जा रहे हैं। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म HSBC का मानना है कि लंबे समय में मीशो (Meesho) लॉजिस्टिक्स लागत को और कम कर सकती है।

स्टॉक पर होल्ड रेटिंग

HSBC ने स्टॉक पर होल्ड रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹185 से घटाकर ₹160 कर दिया है। इसके बावजूद ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक कंपनी का फ्री कैश फ्लो दोबारा पॉजिटिव हो सकता है।

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शेयर बाजार में मीशो का हाल

नतीजों के बाद आज 7 मई 2026 को (10;46 am) मीशो का शेयर 4.25% ग्रोथ के साथ ₹205 के आसपास कारोबार कर रहा है। अप्रैल के महीने में इस शेयर ने जबरदस्त रिकवरी दिखाई है और अब यह अपनी लिस्टिंग के बाद के उच्चतम स्तर (₹254) की ओर दोबारा बढ़ रहा है। ये स्टॉक पिछले 30 दिन में 35.67% तक चढ़ चुका है।

कंपनी को विज्ञापन से होने वाली कमाई और बड़े पैमाने पर कारोबार फैलने (Scale Benefits) से लंबी अवधि में कंपनी के मुनाफे में आने की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को बढ़ते कामकाजी घाटे और कैश फ्लो पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

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