बिहार में मां ने दो बेटियों संग मिलकर महिला का क्यों किया मर्डर, बक्सर में कांड
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के इस विवाद को लेकर दोनों परिवारों में तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। शनिवार की शाम अंधेरे में सुनीता देवी को देख कंचन देवी व उनकी पुत्रियों को मौका मिल गया। पलभर की कहासुनी मारपीट में तब्दील हो गई। आरोपितों ने सुनीता की लात व घूंसे से बेरहमी से पिटाई की

बिहार के बक्सर जिले में एक खौफनाक कांड हुआ है। यहां बक्सर जिले के कोरानसराय थाना क्षेत्र के कनझरुआ गांव में बच्चों के मामूली विवाद में एक महिला की मारपीट कर हत्या कर दी गयी। मृतका कनझरुआ गांव निवासी वीर बहादुर कानू की 44 वर्षीया पत्नी सुनीता देवी थी। घटना के संबंध में बताया जाता है कि शनिवार की देर शाम सुनीता देवी अपनी पुत्री व माता के साथ विद्यालय की ओर जा रही थी। इस दौरान पड़ोसी महिला कंचन देवी ने अपनी दो बेटियों के साथ उन्हें घेर लिया और फिर योजनाबद्ध तरीके से सुनीता पर हमला बोल दिया। कंचन ने अपनी दोनों बेटियों संग मिलकर सुनीता का मर्डर कर दिया।
हालांकि, मौके पर बचाव की कोशिश सुनीता की मां व बेटी ने की थी। लेकिन हमलावर महिलाओं के आगे लाचार वो हो गई थीं। कुछ ही पल बाद सुनीता जमीन पर गिर पड़ी। पिटाई से जख्मी सुनीता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई। वहीं मृतक महिला के घर मातम पसर गया। सूचना मिलते ही डीएसपी पोलस्त कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हत्यारोपित महिला व उसकी दो बेटियों को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हत्या के इस मामले में पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर चार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित महिला कंचन देवी व उसकी बड़ी पुत्री अनीता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया।
एक नाबालिग पुत्री को न्यायिक हिरासत में लिया गया है। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि मृतका सुनीता देवी का सबसे छोटा पुत्र 12 वर्षीय आकाश कुमार व आरोपित महिला कंचन देवी की बेटी अंशिका साथ ट्यूशन पढने जा रहे थे। इस दौरान एक अप्रैल को आपसी विवाद को लेकर बातचीत हुई थी। बच्चों के विवाद को लेकर 2 अप्रैल को कंचन देवी मृतका सुनीता के घर शिकायत करने गई थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के इस विवाद को लेकर दोनों परिवारों में तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। शनिवार की शाम अंधेरे में सुनीता देवी को देख कंचन देवी व उनकी पुत्रियों को मौका मिल गया। पलभर की कहासुनी मारपीट में तब्दील हो गई। आरोपितों ने सुनीता की लात व घूंसे से बेरहमी से पिटाई की। मारपीट में गंभीर चोट आने से सुनीता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घर में बेटे की शादी के लिए चल रही थी तैयारी
सुनीता देवी के घर बेटे की शादी की तैयारी चल रही थी। सुनीता देवी के बड़े पुत्र बिट्टू कुमार की शादी आगामी 26 नवंबर में होनी तय थी। एक पुत्री चंदा कुमारी की शादी पहले हो चुकी है। आर्थिक रुप से कमजोर यह परिवार अभी से बेटे की शादी के लिए सामान जोड़ रहा था। सुनीता का पति वीर बहादुर कानू परिवार की परवरिश के लिए चंडीगढ़ में राजमिस्त्री का काम करता है। परिवार में बेटे की शादी को लेकर उल्लास का माहौल था। परिवार को क्या पता था कि बच्चों का छोटा विवाद उनकी खुशियों को मातम में तब्दील कर देगा। पत्नी की मौत की खबर मिलते ही पति गांव के लिए रवाना हो चुका है। गांव लोगों ने कहा कि दो जून की रोटी के लिए परदेश में रहने वाले वीर बहादुर को पत्नी के अंतिम दर्शन का भी सौभाग्य नहीं मिला।




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