पीएम आवास योजना: बिहार में 8 लाख मकान अब तक नहीं बने, सात साल पहले हुआ था सर्वे
पीएम आवास योजना के तहत पूर्व के सर्वे में स्वीकृत 30 लाख में से बिहार को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 12 लाख 20 हजार आवास निर्माण की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली। इनमें आठ लाख से अधिक का निर्माण लंबित है। दो वर्षों में महज चार लाख आवास का ही निर्माण पूरा हो सका है

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2018-19 में हुए सर्वे के बाद चिह्नित 30 लाख परिवारों का आवास निर्माण होना था। अब भी इनमें आठ लाख से अधिक आवास का निर्माण लंबित है। ऐसे में वर्ष 2025 में हुए नए सर्वे में चिह्नित परिवारों को पक्का मकान मिलने में वर्षों लग सकते हैं। इस सर्वे में एक करोड़ चार लाख परिवार चिह्नित हुए हैं, जिनमें करीब 60 लाख को आवास निर्माण की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
पीएम आवास योजना के तहत पूर्व के सर्वे में स्वीकृत 30 लाख में से बिहार को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 12 लाख 20 हजार आवास निर्माण की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली। इनमें आठ लाख से अधिक का निर्माण लंबित है। दो वर्षों में महज चार लाख आवास का ही निर्माण पूरा हो सका है। जानकारों की मानें तो सात वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी आठ लाख से अधिक लंबित आवासों के नहीं बनने की मूल वजह केन्द्र सरकार से राशि का नहीं मिलना है। वैसे, मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह बैकलॉग समाप्त होने के आसार हैं।
विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक इस योजना में केंद्र से कोई राशि नहीं मिली। केंद्र ने साफ कह दिया था कि पीएम आवास योजना में राशि भुगतान की नई व्यवस्था लागू करेंगे तो ही राशि जारी की जाएगी। उधर, आलम यह है कि यह नई व्यवस्था राज्य में अबतक लागू ही नहीं हो सकी। इसके बाद विभाग के विशेष आग्रह पर पुरानी व्यवस्था के तहत ही दो किस्तों में क्रमश: 90 करोड़ और 950 करोड़ रुपये मार्च, 2026 में केंद्र ने जारी किए। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने हिस्से का 631 करोड़ रुपये मिलाकर जिलों को जारी किए।
वर्तमान वर्ष के लिए केंद्र ने अबतक नहीं दी मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र की ओर से पीएम आवास के लिए अभी-तक कोई नई स्वीकृति नहीं मिली है। पूर्व से स्वीकृति कुल 12.20 लाख परिवारों में 7.50 लाख को प्रथम, 3.57 लाख को दूसरा तथा 3.29 लाख लाभुकों को तृतीय किस्त की राशि का भुगतान कर दिया गया है। तीन किस्तों में लाभुकों को 40-40 हजार रुपये कुल 1.20 लाख रुपये दिये जाते हैं।




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