बिहार के धनकुबेर एसडीपीओ गौतम कुमार का आज EOU से सामना, सफेदपोशों से भी कनेक्शन
किशनगंज एसडीपीओ के आय से अधिक संपत्ति से जुड़े दर्ज मामले की छानबीन के दौरान ईओयू को कई माफिया और सफेदपोशों से उनके संबंधों की जानकारी मिली है। एसडीपीओ के नंबरों से दूसरे नंबरों पर दिन भर में 50 बार कॉल किए जाने संबंधित साक्ष्य मिले हैं।

आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपी बिहार के किशनगंज जिले के एसडीपीओ गौतम कुमार की बेनामी संपत्तियों और निवेश को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) खंगाल रही है। इसको लेकर ईओयू की तीन अलग टीम बनाई गई। इसके अलावा नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी उनकी संपत्तियों के सुराग मिले हैं। इसको लेकर ईओयू मुख्यालय के स्तर पर स्थानीय सिविल एवं पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा गया है। ईओयू सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एडिशनल एसपी के नेतृत्व में ईओयू की एक टीम किशनगंज में पिछले छह दिनों से लगातार कैंप कर एसडीपीओ की बेनामी संपत्तियों को लेकर मिले तथ्य व सूचनाओं को सत्यापित करने के काम में जुटी है।
31 मई को एसडीपीओ के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद से ही यह टीम किशनगंज एवं पूर्णिया में मिली उनकी संपत्तियों का सत्यापन कर रही है। इसको लेकर संबंधित कार्यालयों व संगठनों से फीडबैक लिया जा रहा है। दूसरी टीम को अररिया, मुंगेर और पटना में मिली उनकी संपत्तियों के सत्यापन कार्य में लगाया गया है। तीसरी टीम जल्द ही दिल्ली जायेगी, जो दिल्ली के साथ ही गुरुग्राम और नोएडा में मिली उनकी संपत्तियों के सत्यापन का काम करेगी। एसडीपीओ आज ईओयू के सामने पेश हो सकते हैं।
कई माफिया और सफेदपोशों की संपत्तियां भी खंगाली जाएगी
किशनगंज एसडीपीओ के आय से अधिक संपत्ति से जुड़े दर्ज मामले की छानबीन के दौरान ईओयू को कई माफिया और सफेदपोशों से उनके संबंधों की जानकारी मिली है। एसडीपीओ के नंबरों से दूसरे नंबरों पर दिन भर में 50 बार कॉल किए जाने संबंधित साक्ष्य मिले हैं। इन सबका भी सत्यापन हो रहा है। जांच में पता चला है कि एसडीपीओ ने दूसरों के नाम, संस्था व उनके परिवार के लोगों के नाम पर कई जगह बेनामी संपत्तियां बनाई हैं। ऐसे में उनसे संबंध रखने वाले माफिया व सफेदपोशों की संपत्तियां भी खंगाली जायेगी।
घरेलू सहयोगी की संपत्ति की भी हो रही जांच
एसडीपीओ ने अपनी महिला मित्र शगुफ्ता के नाम पर सात भूखंड खरीदे थे। जांच में उनकी घरेलू महिला सहयोगी के नाम पर भी संपत्तियां होने के प्रमाण मिले हैं। इन सबकी जांच कराई जा रही है। मामला प्रमाणित होने पर एसडीपीओ पर शिकंजा और कसेगा। पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनाव की वजह से ईओयू को बंगाल से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी मिलने में थोड़ी परेशानी हो रही है।




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