चिराग पासवान के मन में क्या? बिहार की 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
एनडीए के सहयोगी और लोजपा आर के अध्यक्ष चिराग पासवान ने छपरा में नव संकल्प महारैली में बड़ा ऐलान किया। उन्होने कहा कि वो विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। और बिहार की सभी 234 सीटों पर लड़ेंगे। इस दौरान उन्होने महागठबंधन पर हमला बोला।

बिहार चुनाव की तैयारियों में जुटे एनडीए के सहयोगी और लोजपा आर के अध्यक्ष चिराग पासवान के मन में आखिर क्या चल रहा है। ये सवाल इसलिए खड़ा रहा है, क्योंकि रविवार को छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में नव संकल्प महासभा की रैली में चिराग ने बड़ी घोषणा की। उन्होने कहा कि सारण की इस पावन धरती से ऐलान करता हूं कि मैं चुनाव लडूंगा। जब मैं कहता हूं कि हां, मैं चुनाव लड़ेगा तो चिराग पासवान सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। हर सीट पर चिराग पासवान बनकर चुनाव लडूंगा।
चिराग ने कहा कि मैं चुनाव लड़ूंगा बिहारियों के लिए, अपने भाइयों के लिए, अपनी माताओं के लिए, अपनी बहनों के लिए और बिहार में एक ऐसी व्यवस्था तैयार करेंगे, एक ऐसा बिहार बनाएंगे जो सही मायनों में प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएगा। इससे पहले चिराग के जीजा और जमुई से सांसद अरुण भारती ने वीडियो जारी कर बताया था कि पार्टी कार्यकर्ताओं की यह भावना है कि आगमी विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान को एक सामान्य सीट से चुनाव लड़ना चाहिए ताकि यह साफ संदेश जाए कि वो सिर्फ एक वर्ग, एक तबके या एक समाज के नेता नहीं है बल्कि पूरे बिहार का नेतृत्व करने के लिए मैदान में हैं।
आपको बता दें चिराग पासवान की लोजपा (आर) एनडीए की अहम सहयोगी है। जिसमें बीजेपी, जेडीयू, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल है।
रैली को संबोधित करते हुए लोजपा आर के अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले दिनों में इनहेरिटेंस टैक्स को लेकर, जिस तरीके से पीढ़ी दर पीढ़ी जो संपत्ति आपकी है, उस पर टैक्स लगाने की सोच कांग्रेस, राजद और उनके तमाम सहयोगी रखते हैं। जो लोग आज बिहार में विकास की बात करते हैं, ये वही विपक्ष के लोग हैं जिन्होंने 90 के दशक में बिहार को बर्बाद किया था।
लोजपा चीफ ने कहा कि बिहार में डोमिसाइल नीति लागू होनी चाहिए, मैं इसके समर्थन में हूं। आरजेडी पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा कि बिहार में 2023 में जब महागठबंधन की सरकार थी, तो उस वक्त राजद के उपमुख्यमंत्री और राजद के शिक्षा मंत्री थे, जिन्होंने डोमिसाइल नीति को खत्म किया। इससे पहले चिराग ने गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह बिहार में अपराध बढ़े हैं, और कानून व्यवस्था ध्वस्त हुई है, यह चिंता का विषय है।
अगर पटना के पॉश इलाके में ऐसी घटना हुई है, तो हम कल्पना ही कर सकते हैं कि गांवों में क्या हो रहा होगा। सुशासन के लिए जानी जाने वाली सरकार के राज में ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है, तब विपक्ष को बोलने का मौका मिलेगा। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है।




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