तीन तलाक देकर पति ने घर से निकाला, पुलिस ने नहीं लगाई कानून की धारा; बिहार की अफसाना खातून का दर्द
पीड़िता ने बताया कि बीते 20 मई को पति ने तीन तलाक दिया तो उसने तुर्की थाना में केस दर्ज कराया। थानेदार प्रमोद कुमार ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण कानून की धारा केस में नहीं लगाई। कई बार ग्रामीण एसपी व डीएसपी पश्चिमी एक के कार्यालय में दौड़ी।

बिहार में तीन तलाक की शिकार एक महिला करीब 2 महीने से इंसाफ के लिए भटक रही है। पीड़िता अफसाना खातून ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया है कि पुलिस ने इस मामले में ट्रिपल तलाक से जुड़ी धारा तक नहीं लगाई। मुजफ्फरपुर जिले में तुर्की थाना के सकरी सरैया में अफसाना खातून को उसके पति मो. रेयाज ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। एक बच्चा लेकर अफसाना इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है। थाना से लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रही है।
पीड़िता ने बताया कि बीते 20 मई को पति ने तीन तलाक दिया तो उसने तुर्की थाना में केस दर्ज कराया। थानेदार प्रमोद कुमार ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण कानून की धारा केस में नहीं लगाई। कई बार ग्रामीण एसपी व डीएसपी पश्चिमी एक के कार्यालय में दौड़ी। आश्वासन मिला कि सुपरविजन में डीएसपी धारा जोड़ेंगे और गिरफ्तारी का आदेश देंगे। केस कराए दो माह बीत गये, अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोपित पति और ससुराल वाले जमानत लेने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़िता ने पहले एसएसपी कार्यालय और बाद में डीआईजी कार्यालय में आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगाई। अफसाना ने बताया कि कई बार दौड़ने के बाद डीएसपी ने 15 दिन पहले सुपरविजन रिपोर्ट जारी की है, जिसमें तीन तलाक की धारा जोड़ने और आरोपितों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। अब आईओ आदेश दबाकर बैठ गये हैं।
अफसाना का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल में प्रताड़ना सहना पड़ा। कई बार पंचायत हुई। कुछ दिनों तक लोग शांत रहते उसके बाद फिर से मारपीट शुरू हो जाता। किसी तरह ससुराल में रही, एक बच्चा हुआ। दहेज के ताने को लेकर ही 20 मई को झगड़ा शुरू हुआ। ससुराल वालों ने मारपीट कर पति से तीन तलाक दिलवा दिया। डीएसपी एसी ज्ञानी ने बताया कि सुपरविजन रिपोर्ट जारी कर आईओ को निर्देश दिया गया है। मामले की समीक्षा की जायेगी कि आखिर आईओ स्तर से कार्रवाई क्यों लटकी हुई है।




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