बिहार की बदहाली की ये आखिरी छठ और दिवाली होगी; प्रशांत किशोर का वादे और दावे
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर की रैली में जनता से दावा किया कि बिहार की बदहाली की यह आखिरी दिवाली-छठ होगी। युवाओं को बिहार में ही 12000 रुपये तक का रोजगार मिलने लगेगा। साथ ही बुजुर्गों को 2000 की सम्मान राशि दी जाएगी। बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।

बिहार बदलाव यात्रा पर निकले जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कई वादे और दावे किए। उन्होने कहा कि अगर इस बार आप लोगों ने अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट किया तो बिहार की बदहाली की यह आखिरी दिवाली-छठ होगी। छठ के बाद जब आप अपने बच्चों के लिए वोट देंगे, तो जन सुराज का पहला संकल्प है, कि स्कूल-अस्पताल जब सुधरेंगे, तब सुधरेंगे। लेकिन जो युवा पढ़-लिख कर बेरोजगार बैठे हैं। उन्हें भले ही सरकारी नौकरी न मिले, लेकिन 10-12 हजार का रोजगार जरूर मिलेगा
पीके ने कहा कि ये प्रशांत किशोर के बेटे की शादी नहीं है। अपके बच्चों का सवाल है। अपने परिवार के लोगों और पड़ोसियों को बताना है कि 10-12 हजार की नौकरी के लिए अपने परिवार को छोड़कर बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होने कहा किछठ के एक महीने बाद से बुजुर्गों को 1100 रुपए की भीख नहीं हर महीने 2 हजार की सम्मान राशि दी जाएगी। नीतीश कुमार ने 20 साल के शासनकाल में सिर्फ 400 से 1100 रुपए पेंशन दे पाए।
एक और वादा करते हुए पीके ने कहा कि आप लोगों का जीवन तब सुधरेगा जब आपका बच्चा पढ़-लिख कर अफसर बनेगा। सरकारी स्कूल की हालत जब सुधरेगी, तब सुधरेगी। हमारी सरकार आई तो आप दिसंबर महीने से अपने बच्चे को निजी स्कूल (इंग्लिश मीडियम) में भेजिए, खर्चा सरकार उठाएगी।




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