जेल में बैठकर सरकार नहीं चला सकते, मोदी सरकार के बिल के समर्थन में प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मोदी सरकार के पीएम-सीएम वाले बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता में बैठे किसी व्यक्ति पर भ्रष्टाचार या अपराध का आरोप है, तो वह जेल में बैठकर सरकार नहीं चला सकता है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए संविधान (130वें) संशोधन विधेयक को जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने समर्थन किया है। पीके ने कहा कि अगर आप सत्ता में बैठे हैं और किसी आरोप में जेल जाना पड़ रहा है, तो आप जेल से बैठकर सरकार नहीं चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह जो बिल लाया जा रहा है, वह ठीक है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बुधवार को संशोधन विधेयक पेश किया। इसमें 30 दिन तक जेल में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाए जाने का प्रावधान है।
पूर्णिया में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा, “क्रिमिनल बिल इसलिए लाया जा रहा है कि जब संविधान बना होगा, तब इसके निर्माताओं को एहसास ही नहीं रहा होगा कि सत्ता में बैठे लोग इतने भ्रष्टाचारी और इतने बड़े अपराधी हो जाएंगे कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा। उससे भी बढ़कर वो जेल जाने के बाद भी अपना पद नहीं छोड़ेंगे। यह बिल ठीक है।”
नए बिल पर विपक्ष का विरोध
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के इस बिल विरोध किया है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी की चाल है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त करे बिना ही किसी राज्य की सरकार को अस्थिर करके गिरा देगी। आरजेडी के लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने भी इस बिल के जरिए देश में तानाशाही लाने का आरोप लगाया।




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