तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव भी हारेंगे, बिहार असेंबली इलेक्शन की याद दिला बोले चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि राज्यसभा की सभी पांच सीटें एनडीए के खाते में जाएंगी। यह मायने नहीं रखता कि उन सीटों पर एनडीए के किस दल से कौन उम्मीदवार खड़ा होंगे। वे सोमवार को लोजपा (रा) के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की तरफ से आयोजित होली मिलन समारोह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज है। 5 सीटों पर होने वाले इस चुनाव में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर इस चुनावी दंगल को और भी दिलचस्प बना दिया है। इस बीच अब लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अगर तेजस्वी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करेंगे तो उनको यहां भी विधानसभा चुनाव की तरह हार झेलनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा की सभी पांच सीटें एनडीए के खाते में जाएंगी। यह मायने नहीं रखता कि उन सीटों पर एनडीए के किस दल से कौन उम्मीदवार खड़ा होंगे। वे सोमवार को लोजपा (रा) के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की तरफ से आयोजित होली मिलन समारोह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। समारोह में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक दल के नेता राजू तिवारी सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक व प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे।
चिराग ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज कई देश युद्ध का सामना कर रहे हैं। मौके पर कामना करता हूं कि विश्व भर में शांति और खुशी का माहौल स्थापित हो। यह होली हम सबके लिए नई खुशियों के साथ, तरक्की के नए रंगों के साथ, हम सबके जीवन को बेहतर बनाने को लेकर आए।
राजद देगा एनडीए को चुनौती
बहरहाल आपको बता दें कि बिहार के प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ने का रविवार को फैसला किया था। इसके साथ ही राजद राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के राज्य से सभी पांच सीट पर बिना किसी मुकाबले के जीत हासिल करने के प्रयास को चुनौती देगा। यह निर्णय पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद के आवास पर आयोजित केंद्रीय और राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया था। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने इन अफवाहों पर चुप्पी साध ली थी कि लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव उम्मीदवार हो सकते हैं। गौरतलब है कि इस महीने के अंत में जिन पांच सीट के लिए चुनाव होने हैं, उनमें से दो वर्तमान में राजद के कब्जे में है।
राज्यसभा चुनाव में कैसा है सीटों का गणित
राजद को कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था और उसके पास उच्च सदन में अपना सदस्य भेजने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं रहा। अब पार्टी के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में केवल 25 विधायक हैं और हालांकि उसे कांग्रेस और वाम दलों जैसे महागठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलने की संभावना है, फिर भी उनकी संयुक्त संख्या 35 राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से लगभग छह सीट कम है।
फिर भी, जब से पांच सीट के लिए चुनाव की घोषणा हुई है, जिनमें से शेष तीन सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास हैं, राजद नेता एक सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं और अपनी उम्मीदें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर टिकाए हुए हैं, जिसके विधानसभा में पांच सदस्य हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का एकमात्र विधायक भी है।
विधानसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया छह मार्च को समाप्त हो रही है। इनमें से दो सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के पास हैं, जिसके दोनों सीट को बरकरार रखने की उम्मीद है। हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाये जाने पर विचार किया जाएगा या नहीं।
विधानसभा में 89 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने दो सीट के लिए अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों का चयन "केंद्रीय नेतृत्व" द्वारा किया जाएगा, हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के नामों की चर्चा चल रही है। नितिन नवीन वर्तमान में बांकीपुर से विधायक हैं।




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