पटना: ना पॉक्सो लगा और ना हॉस्टल मालिक का रिमांड लिया, नीट छात्रा केस में CBI पर सवाल
सीबीआई ने अबतक की जांच के बाद भी पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया और न ही मनीष रंजन को रिमांड पर लिया। उल्लेखनीय है कि कांड की गंभीरता को देखते हुए पटना आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पॉक्सो एक्ट के तहत जांच शुरू हुई थी।

नीट छात्रा कांड मामले में बेऊर जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन की नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पॉक्सो की विशेष अदालत में सीबीआई ने कहा कि जांच के लिए मनीष रंजन की जरूरत नहीं है। अब तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। पीड़िता के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस कांड में मुख्य अभियुक्त मनीष रंजन है। जमानत मिलने पर साक्ष्य और साक्षियों को प्रभावित किया जा सकता है।
बिहार पुलिस ने कहा कि कांड की जांच और संबंधित साक्ष्य समेत सभी सबूत सीबीआई को सौंप दिये गये हैं। पुलिस इस कांड की जांच नहीं कर रही है। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने आदेश के लिए 11 मार्च को तिथि निर्धारित की।
पॉक्सो की विशेष अदालत में बहस के दौरान सीबीआई के वकील और पीड़िता के वकील के बीच नोकझोंक हुई। पीड़िता के वकील ने सीबीआई के वकील के खिलाफ विशेष न्यायाधीश को एक आवेदन दिया। मनीष रंजन की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने घटना से संबंधित कई महत्वपूर्ण सबूत को नष्ट कर दिया और आरोपी को बचाने के लिए साबूत में छेड़छाड़ की है।
उन्होंने सीबीआई द्वारा की जा रही जांच पर कई प्रश्न खड़े किए। कहा कि सीबीआई ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज नहीं किया और न ही जेल में बंद मनीष रंजन को रिमांड किया है। सीबीआई हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर अनुसंधान कर रही है। सीबीआई सही जांच नहीं कर रही है।
पॉक्सो की विशेष अदालत में मनीष की नहीं हुई पेशी
बेऊर जेल से मनीष रंजन को पॉक्सो की विशेष अदालत में पेश नहीं किया गया। पुलिस के अनुरोध पर मजिस्ट्रेट ने पॉक्सो लगाया था। इसके बाद मुकदमे के अभिलेख पॉक्सो की विशेष अदालत में भेज दिये गये थे। जेल अधीक्षक ने पॉक्सो की विशेष अदालत में उपस्थित होकर कहा कि पेशी की सूचना नहीं मिलने पर मनीष रंजन को पेश नहीं किया गया।
सीबीआई नीट छात्रा की हत्या का प्रयास की जांच कर रही है
नीट छात्रा कांड मामले में सीबीआई ने 12 फरवरी को हत्या का प्रयास का केस दर्ज कर अनुसंधान कर रही है। सीबीआई ने इस कांड में एक मोबाइल जब्त किया है। इसे सीबीआई की विशेष अदालत की अनुमति लेकर वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है। सीबीआई ने अबतक की जांच के बाद भी पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया और न ही मनीष रंजन को रिमांड पर लिया। उल्लेखनीय है कि कांड की गंभीरता को देखते हुए पटना आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पॉक्सो एक्ट के तहत जांच शुरू हुई थी।
सुनवाई छोड़ चले गए विशेष न्यायाधीश,10 मिनट बाद आए
जांच पर प्रश्न उठाने पर सीबीआई और पीड़िता के वकील के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस पर विशेष न्यायाधीश सुनवाई छोड़ कर चेम्बर में चले गए। दस मिनट बाद आए और फिर सुनवाई शुरू की। कहा कि सुनवाई के दौरान बीच में कोई टोकाटाकी नहीं करेगा। सभी पक्षों को बात रखने और बहस का मौका दिया जाएगा। जमानत अर्जी पर सुनवाई दो घंटे चली।




साइन इन