ना मैं डरता हूं ना तेजस्वी यादव ना बिहार, ईसी पर राहुल गांधी का पलटवार; मोदी, शाह का भी नाम लिया
राहुल गांधी ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी, अमित शाह या इलेक्शन कमीशन से नहीं डरते। वोट चोरी की सच्चाई सामने लाएंगे।

बिहार में एसआईआर पर जारी घमासान के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इलेक्शन कमीशन के अल्टीमेटम पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि वे किसी ने नहीं डरते। वोट चोरी की एक-एक सच्चाई जनता के सामने लाकर रखेंगे। यात्रा में शामिल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की।
बिहार में कांग्रेस के वोटर अधिकार यात्रा का आज दूसरा दिन है। सासाराम से निकली वोटर अधिकार यात्रा क्रम में सोमवार को राहुल गांधी का काफिला औरंगाबाद पहुंचा। देव के सूर्य मंदिर में उन्होंने तेजस्वी संग पूजा अर्चना की। इससे पहले रविवार की रात एक सभा में राहुल गांधी ने इलेक्शन कमीशन के हलफनामा या माफीनामा पर कहा कि मोदी जी, अमित शाह और इलेक्शन कमीशन के लोग यह समझ लो कि ना मैं आपसे डरता हूं ना तेजस्वी यादव ना बिहार डरता है। मैं गारंटी देकर कहता हूं कि वोट चोरी की सच्चाई पूरे हिन्दुस्तान की जनता के सामने लाकर रखुंगा। जो कहता हूं उसे छोड़ता नहीं हूं।
इधर तेजस्वी यादव ने कहा कि एसआईआर एक बड़ी साजिश है। लोकतंत्र की जननी बिहार से लोकतंत्र को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का गठबंधन उजड़ने नहीं देगा। बिहार की जनता के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले वोटर लिस्ट से नाम कटेगा फिर राशन कार्ड से फिर पेंशन लिस्ट से। इस साजिश का बदला आप लोगों को वोट की चोट से लेना है।
रविवार को इलेक्शन कमीशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसआईआर पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया।सीईसी ज्ञानेश कुमार ने लोकसभा में राहुल गांधी का नाम लिए बगैर मतदाता सूची में गड़बड़ी समेत उनके सभी आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि उनको सात दिन में हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। 85 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों में सभी त्रुटियों को दूर करना है। चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए सीईसी ने कहा कि बिहार में एसआईआर को सफल बनाने के लिए सभी हितधारक पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं।




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