खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ने का साहस नहीं कर पा रहे प्रशांत किशोर? बोले- कैंडिडेट जन सुराज तय करेगी
Prashant Kishor Bankipur: बिहार में विधानसभा चुनाव नहीं लड़े जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर अब बांकीपुर सीट से खुद उपचुनाव लड़ने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की खाली सीट भाजपा का गढ़ है।

Prashant Kishor Bankipur: जन सुराज पार्टी सुप्रीमो प्रशांत किशोर पटना जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट से खुद उपचुनाव लड़ने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी चीफ नितिन नवीन द्वारा खाली की गई बांकीपुर सीट पिछले तीन दशक में हुए 9 चुनाव से भाजपा का गढ़ बनी हुई है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई सीट पर अब उप-चुनाव होना है। प्रशांत किशोर लगातार कह रहे हैं कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी, लेकिन खुद लड़ेंगे या नहीं, इस सवाल का जवाब हर बार टाल जा रहे हैं। प्रशांत ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, जबकि करगहर और राघोपुर से उनके खुद लड़ने की काफी चर्चा हुई थी।
जन सुराज की बैठक के सिलसिले में सारण गए प्रशांत किशोर से पत्रकारों ने बांकीपुर से लड़ने पर फिर से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा- ‘हम लोगों को लगता है कि बांकीपुर का चुनाव पिछले सात-आठ महीने से चल रही सरकार के काम पर जनमत संग्रह होगा। जनता से चुनाव में बड़े-बडे़ वादे किए गए। नीतीश कुमार का चेहरा आगे रखा गया। 10 हजार रुपये दिया गया। 2 लाख का लालच दिया गया। 1 करोड़ नौकरी की बात कही गई। सरकार जो अभी कर रही है, वो ठीक इसके उलट है। सरकार 2 लाख कब देगी, ये नहीं बता रही। नीतीश को क्यों हटाया गया, ये नहीं बता रही। लाल गमछा और हरा गमछा की बात कर रही है। जाति पूछकर गोली चलाने की बात हो रही है।’
उन्होंने कहा कि जन सुराज पूरी ताकत से बांकीपुर का चुनाव लड़ेगी। वहां भाजपा को जन सुराज ही हरा सकती है। कांग्रेस और राजद वहां कई चुनाव से भाजपा को हरा नहीं पाई है। पत्रकारों ने फिर से उनके खुद लड़ने की चर्चा पर सवाल पूछा तो पीके ने कहा- ‘ये तो पार्टी तय करेगी। मैंने आपको एक शब्द में कह दिया कि बांकीपुर का चुनाव जीतने के लिए जन सुराज पार्टी को जो कुछ भी करना पड़ेगा, वो सब कुछ किया जाएगा।’
सीएम आवास में डिप्टी सीएम आवास क्यों मिलाया, सरकार जवाब दे: प्रशांत किशोर
राबड़ी देवी के बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर प्रशांत ने कहा कि यह सरकार और राबड़ी देवी के बीच का मामला है। उन्होंने सरकार से जवाब देने कहा कि डिप्टी सीएम के आवास को सीएम के आवास में क्यों मिलाया गया है। उन्होंने कहा- ‘1 अणे मार्ग पहले से 8 एकड़ में फैला हुआ बंगला है। पहली बार सीएम बनने के बाद सम्राट चौधरी ने बगल में देशरत्न मार्ग का डिप्टी सीएम वाला बंगला को भी सीएम आवास में मिला दिया है। महाराष्ट्र के सीएम का बंगला 10-15 कट्ठा में है। बिहार के सीएम को 8 एकड़ से भी पूरा नहीं हो पा रहा है तो 5-6 एकड़ का बंगला मिला दिया। दूसरों से कहते हैं कि बड़े बंगला में नहीं रहो और अपने बंगला को पीएम के बंगले से भी बड़ा बना रहे हैं तो सवाल तो होगा।’




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