पति पर पत्नी की क्रूरता के आरोप सही, पटना हाईकोर्ट ने तलाक को दी मंजूरी; 50,000 रुपया देने का भी आदेश
न्यायमूर्ति पी बी बजंथरी और न्यायमूर्ति शशि भूषण प्रसाद सिंह की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद अपना फैसला दिया। कुमारी संगीता राय उर्फ संगीता देवी की ओर से दायर अर्जी में परिवार न्यायालय के आदेश 31 अकटूबर 2018 की वैधता को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना परिवार न्यायालय के विवाह विच्छेद आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी को मुकदमे बाजी के लिए पचास हजार रुपये तीन माह के भीतर देने का आदेश पति को दिया है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी 2006 से अलग रह रही हैं और संबंध सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया। कोर्ट ने पति की ओर से लगाई गई क्रूरता और परित्याग आरोप को सही करार देते हुए परिवार न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति पी बी बजंथरी और न्यायमूर्ति शशि भूषण प्रसाद सिंह की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद अपना फैसला दिया। कुमारी संगीता राय उर्फ संगीता देवी की ओर से दायर अर्जी में परिवार न्यायालय के आदेश 31 अकटुबर 2018 की वैधता को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
राजीव रंजन उर्फ बबलू का विवाह हिन्दू रीति रिवाज से 21 जून 1996 में हुआ था। लेकिन कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद पत्नी अपने नैहर चली गई। एक बाद गौना पर वापस ससुराल आई। चार माह तक ससुराल में रही इस दौरान चार पांच बार पत्नी से मिलने विनोद सिंह आए और पति के सहमति के बगैर उसके साथ पिक्चर देखने गई। यह सिलसिला चलता रहा। पति के आपत्ति पर पत्नी ने गुस्से का इजहार की और धमकी दी। बाद में वह अपने नैहर चली गई। वहां से विनोद के घर गई। दो ढाई माह रहने के बाद वापस लौटी।
इसी बीच 2000 में एक बच्चे का जन्म दी। लेकिन पत्नी का व्यवहार अमर्यादित रहा और पत्नी ने अपने और बच्चों पर केरोसिन डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पीएमसीएच में इलाज के दौरान बेटी की मौत हो गई। इसके बाद कुछ दिनों तक पति-पत्नी अच्छे से साथ-साथ रहे। लेकिन एक दिन पत्नी ने भावना में आ कर लिखित तौर पर दिया कि उसका संबंध विनोद के साथ हैं। इसके बाद पत्नी के परिवार वाले ने पति के साथ मारपीट की और पत्नी घर छोड़ नैहर चली गई और पति पर दहेज प्रताड़ना का केस कर दी। पत्नी ने पति के सारे आरोप को एक सिरे से नकार दी। वही विनोद ने भी सारे आरोप को गलत बताया।
गवाही के दौरान बेटा ने कहा कि मां ने अपने ऊपर और बहन तथा मेरे ऊपर किरासन तेल डाल आग लगा दी। जिससे बहन की मौत हो गई। वह पिता और दादी के साथ रहना चाहता है। पति ने कहा कि पत्नी ने झूठे मुकदमे दायर किए थे, जिससे उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। परिवार न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर विवाह विच्छेद अर्जी को मंजूर कर दिया। जिसे पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।




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