ना हथियार मिला और ना शूटर को दिखाया, एनकाउंटर भी एक कहानी; सांसद पप्पू यादव ने पूछे तीखे सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि अगर शूटर कह रहा है कि हथियार विकास ने दिया तो फिर हथियार है कहां? शूटर से बरामद कीजिए। यदि आप शूटर से हथियार बरामद नहीं कर पा रहे हैं तो वो शूटर नहीं है। हथियार दिया तो आप शूटर से उगलवाइए कि हथियार कहां है

पटना पुलिस ने चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड का पर्दाफाश का दावा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड में शामिल शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी बता रही है कि उमेश को हथियार सप्लाई करने वाले विकास उर्फ राजा को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है। लेकिन अब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने पुलिस से कई तीखे सवाल पूछे हैं। पप्पू यादव ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि पुलिस ने ना तो शूटर को सामने किया और ना ही हथियार बरामद किया है। पप्पू यादव ने कहा कि एनकाउंटर भी एक कहानी है।
पप्पू यादव ने कहा, 'गोपाल खेमका के बेटे की जो हत्या हाजीपुर में हुई थी उसमें तीन लोग बरी हो गए और एक का मर्डर हो गया। वो मर्डर करने वाले कौन हैं? क्या कारण है कि सभी तरह की चीजों को पुलिस मिटाती जा रही है? पुलिस से यह पूछिए कि वो कह रही है कि हत्या में यह सारी चीजे हैं, लेकिन उसकी परिस्थितियां क्या हैं? ना तो जिससे गोली चली वो हथियार सामने सामने, ना गाड़ी मिली और ना ही सीसीटीवी फुटेज में इनको (शूटर) दिखाया गया। तो फिर यह मुख्य अपराधी कैसे हुए? किनको बचाया जा रहा है और क्या कारण है? जब हथियार बरामद ही नहीं हुआ। जिस गाड़ी से मारने गया वो गाड़ी बरामद ही नहीं हुआ और सीसीटीवी नहीं दिखाया गया तो वो मुख्य अपराधी कैसे हुआ? गोपाल खेमका के बेटे की जो हत्या हुई थी वो केस बंद हो गया। उस हत्या के पीछे कौन है? कारण क्या है, वो तक पता नहीं चला तो आप बताएंगे ना कि इसके पीछे कौन है?
पुलिस की कहानी प्लॉट है- पप्यू यादव
गोपाल खेमका मर्डर केस में शूटर को अरेस्ट करने और पटना पुलिस के एनकाउंटर पर पप्पू यादव ने कहा कि जब शूटर गिरफ्तार होगा तो हथियार भी बरामद होगा और गाड़ी भी मिलेगी। गोपाल खेमका के बेटे की हत्या में जमीन का जो मामला है उसके पीछे कौन है? शूटर की बात बार-बार कही जा रही है कि विकास उर्फ राजा ने इसको हथियार दिया और हम हथियार बरामद करने वहां पहुंचे। क्या प्लॉट है, हम वहां पहुंचे, उन्होंने फायरिंग की और हमने मार दिया। मतलब झूठ की ठेकेदारी इन्हीं लोगों से ली जाए। किसको मारना है और किसको छोड़ना यह हेडक्वार्टर तय करता है। किसको फंसाना है, किसको मारना है, किसको छोड़ना है और किसको बलि का बकरा बनाना है, किसको मोहरा बनाना है हेडक्वार्टर तय करता है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा कि अजय वर्मा को मोहरा बनाना है। जबकि जब वो गिरफ्तार किए गए थे तब वो पिस्टल उनका लाइसेंसी था और कागज दिए गए थे। जब कागजात दे दिया तो फिर भी उनकी गिरफ्तारी की गई और उन्हें जबरन जेल ले जाया गया और उसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। आननफानन में पुलिस गई और वहां से तीन पर्ची झूठ का निकाल लिया और मोबाइल निकाल लिया। अजय वर्मा को जेल में काफी पीटा गया है। जेल में आकर उनको कैसे मारा गया? अगर अजय वर्मा इस केस में मोहरा है तो आप उनको लाइए बाहर, कोर्ट ले जाइए। कोर्ट में बयान दिलवाइए, क्यों कोर्ट में बयान नहीं दिलवा रहे हैं? सारी चीजें उलट-पुलट दी गई हैं। हत्यारा कौन, मरवाया कौन, इनके लड़के को मरवाया कौन, जो जमीन इन्होंने लिखवाई थी वो जमीन दूसरा कौन लिखवा लेगा और वो किनके आदमी थे?
CCTV फुटेज से शूटर को दिखाइए - पप्पू यादव
पप्पू यादव ने कहा कि एनकाउंटर के जरिए पुलिस सिर्फ आइवॉश कर रही है और दिखावा कर रही है। एनकाउंटर इनको करना चाहिए, एकदम करना चाहिए। लेकिन जो अपराधी जेल से छूटकर प्रवचन देता है, मोकामा-बाढ़ जाता है, ब्रह्मेश्वर मुखिया की जिन्होंने हत्या कर दी उनका भी तो एनकाउंटर हो। बड़ी मछली को क्यों बचा रहे हैं? बड़े अपराधी का एनकाउंटर क्यों नहीं?
ये कह रहे हैं कि जिसको एनकाउंटर में मारा उसने हथियार दिए थे। इसका प्रूफ क्या है कि हथियार दिए थे? कोई सीसीटीवी फुटेज है क्या? केस को यह लोग खत्म करना चाहते हैं। जैसे इनके बेटे के केस को खत्म किया गया वैसे ही ये इस केस को भी खत्म करना चाहते हैं। नेता और पदाधिकारी के बगैर किसी भी कीमत पर इतनी बड़ी हत्या नहीं हो सकती है। इस मामले में बरगलाना और आइवॉश करना बिल्कुल गलत है। हम चाहते हैं कि जिससे मारा गया वो हथियार बरामद हो,दुनिया को सीसीटीवी फुटेज पर शूटर को दिखाया जाए।
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि गोपाल खेमका के बेटे की हत्या के केस को क्यों रफा-दफा किया गया? केस को बंद क्यों किया गया? एक आदमी को मरवा दिया गया और तीन आदमी को बरी कर दिया गया केस बंद हो गया। क्यों हत्या हुई ,यह आज तक पता चला क्या? कैसे हत्या हो गई? पागल था कोई कि आया बस मार दिया? जैसे बेटे को मारा वैसे ही पिता को भी मार दिया। जिसने बेटे को मारा उस केस में भी आजतक हथियार बरामद नहीं हुआ। क्यों मारा, कारण क्या है, मरवाया किसने? पुलिस से यह पूछिए ना।
पप्पू यादव ने कहा कि अगर शूटर कह रहा है कि हथियार विकास ने दिया तो फिर हथियार है कहां? शूटर से बरामद कीजिए। यदि आप शूटर से हथियार बरामद नहीं कर पा रहे हैं तो वो शूटर नहीं है। हथियार दिया तो आप शूटर से उगलवाइए कि हथियार कहां है?
पप्पू यादव ने कहा, मैं चुनौती देता हूं कि गोपाल खेमका के बेटे की हत्या के पीछे कौन है? पुलिस यह बता दे। मैं कह रहा हूं कि उनके सबसे ज्यादा करीबी वाले नेता हैं। उनके लोगों द्वारा उनके नाम से जमीन गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाई गई। बाद में पैसे दिया गया। लेकिन जब गोपाल खेमका के बेटे और खेमका ने पैसे लेने से इनकार कर दिया तो उनके बेटे को मरवा दिया गया और उसके बाद इतनी हत्या हुई। क्यों हुई और किसने करवाई? इसके पीछे कौन-कौन सी जमीन है? क्या इसके पीछे पुनपुन की जमीन है, या अस्पताल में यह सप्लाई करते हैं उसका जो पैसा है क्या वो मामला है? हम जानना चाहते हैं बताइए।'




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