Organ Trafficking and harassment in bihar old age home bettiah west champaran women hostage रात में नशे की सूई और पिटाई, बिहार के वृद्धाश्रम में अंग तस्करी के खेल का शक; बुजुर्गों में महिलाएं भी, Bihar Hindi News - Hindustan
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रात में नशे की सूई और पिटाई, बिहार के वृद्धाश्रम में अंग तस्करी के खेल का शक; बुजुर्गों में महिलाएं भी

आश्रम में वृद्धजनों को बंधक बनाकर रखा गया है। छापेमारी कर 15 बुजुर्ग मुक्त कराए गए हैं। बुजुर्गों ने मारपीट और नशे की सूई देने की बात बताई है। मानव तस्करी और अंगों की तस्करी की आशंका है।

Wed, 6 May 2026 09:01 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, निज संवाददाता, पश्चिम चंपारण
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रात में नशे की सूई और पिटाई, बिहार के वृद्धाश्रम में अंग तस्करी के खेल का शक; बुजुर्गों में महिलाएं भी

पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर से सटे बैरिया थाने की भितहा पंचायत के खुशी टोला स्थित सहारा वृद्धाश्रम में मंगलवार को एसडीएम विकास कुमार ने छापेमारी कर 15 बुजुर्गों को मुक्त कराया। बंधक बनाकर रखे गए इन बुजुर्गों में आधा दर्जन महिलाएं भी थीं। बुजुर्गों के शरीर पर पिटाई के जख्म मिले । एसडीएम ने मानव और अंगों की तस्करी की आशंका जताते हुए बताया कि एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। वृद्धाश्रम के संचालक सासाराम निवासी शिवम कुमार और कर्मचारी बेतिया निवासी काजल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक अन्य कर्मी बेतिया का धनंजय कुमार फरार है। मुक्त कराए गए बुजुर्गों ने एसडीएम को बताया कि उनसे मारपीटकी जाती थी। सोने से पहले नशे का इंजेक्शन दिया जाता था। हर महीने नए बुजुर्गों को पुनर्वास के नाम पर लाकर बंधक बनाकर रखा जाता था। नशे की सूई व गोली देकर सुलाकर बाहर से ताला लगा दिया जाता था। बुजुर्गों को महाराष्ट्र, पटना के महावीर मंदिर, जनकपुर, कोलकाता, यूपी के गोरखपुर-देवरिया आदि स्थनों से यहां लाया गया था। वृद्धाश्रम के रजिस्टर पर 80 बुजुर्गों के नाम दर्ज मिले। इनमें से अप्रैल में ही 38 को यहां लाया था। आश्रम में मौजूद 15 बुजुर्गों मुक्त कराए गए।

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कुछ अन्य बुजुर्गों के बारे में अस्पष्ट जानकारी मिली, जबकि 22 बुजुर्गों के बारे में वृद्धाश्रम की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इससे मानव तस्करी या अंगों की तस्करी की आशंका है। एसडीएम ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जांच में सारी बातें सामने आएंगी। वृद्धाश्रम का लाइसेंस गत 15 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका था। इसके बाद भी वृद्धाश्रम चलाया जा रहा था। 15-16 कर्मचारियों की जगह मात्र दो मौजूद पाए गए। मकान मालिक प्रियदर्शनी द्विवेदी ने बताया कि उन्हें आश्रम में अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे गतिविधियों पर संदेह हुआ। रांची के साउथ बिहार वेफेयर के नाम से मंतोष कुमार ने एग्रीमेंट बनाया था।

छह माह पूर्व बुजुर्ग की पिटाई से हुई थी मौत

एसडीएम विकास कुमार ने बताया कि पूछताछ में जानकारी मिली कि छह माह पूर्व वृद्धाश्रम में पिटाई से एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। उसका शव बोरे में भरकर संचालकों ने रखा था। दुर्गंध उठने पर ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद शव टेंपो पर लादकर नहर किनारे गड्ढे दबा दिया था। उन्होंने कहा कि गुप्त सूचना मिली थी कि आश्रम में वृद्धजनों को बंधक बनाकर रखा गया है। छापेमारी कर 15 बुजुर्ग मुक्त कराए गए हैं। बुजुर्गों ने मारपीट और नशे की सूई देने की बात बताई है। मानव तस्करी और अंगों की तस्करी की आशंका है।

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