Bihar Weather: बिहार में आज संभल कर रहें, भीषण बारिश और वज्रपात का येलो और ऑरेंज अलर्ट; आगे कैसा रहेगा मौसम
Bihar Weather: मौसम विभाग ने बांका, भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

Bihar Weather: मई के महीने में बिहार के अलग-अलग जिलों में हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं ने सबको हैरान कर रखा है। जगह-जगह हो रहे आंधी-बारिश और वज्रपात से एक तरफ जहां लोगों की जान जा रही है तो वहीं घर और मकान भी ढह रहे हैं। मानसून आने से पहले ही बारिश-आंधी और वज्रपात का कहर बिहार में देखने को मिल रहा है। बिहार में आज भी अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार के 12 जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश की चेतावनी है। वहीं पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके बावजूद तीन दिनों के दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में 3 से 4 और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी होगी।
मौसम विभाग ने बांका, भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अररिया, जमुई, खगड़िया, मधेपुरा, मुंगेर, सहरसा एवं सुपौल जिले में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर बिहार में 10 मई तक गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इससे जान-माल और खेती-किसानी को नुकसान हो सकता है।
पटना में तीन-चार दिनों तक बारिश के आसार
पटना जिले में अगले तीन-चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। इस कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने बुधवार को पटना जिले के एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को पटना जिले में औसत 20.9 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली थी।
आगे कैसा रहेगा मौसम
बिहार के लोगों को अभी वज्रपात और तेज हवाओं से आगे भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने 10 मई तक अलग-अलग जिलों में वज्रपात और तेज हवाएं चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 08 मई को बिहर के उत्तर पूर्व और दक्षिण पूर्व भाग के जिलों में एक या दो स्थानों पर वज्रपात के साथ-साथ करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है।
09 मई को बिहार के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व के जिलों में कुछ जगहों पर वज्रपात और तेज हवाएं चलने को लेकर येलो अलर्ट है। इसके बाद 10 अप्रैल को भी राज्य के उत्तर-पूर्व भाग के जिलों में एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन तथा वज्रपात के साथ-साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
इससे पहले बिहार में सोमवार की शाम आई आंधी और बारिश से आम, लीची, प्याज और अन्य सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। पटना जिले में आम के टिकोले करीब 30 फीसदी झड़ गए। किसानों का कहना है कि इस साल विश्व प्रसिद्ध दीघा के दुधिया मालदा की किल्लत होगी।
कहां-क्या असर
मुजफ्फरपुर में इस बार लीची की फसल पर मौसम की बड़ी मार पड़ी है। पहले पेड़ों में मंजर कम आया। फिर अधिक तापमान के कारण मंजर झूलस गए। इसके बाद रही सही कसर आंधी-ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। इससे बची फसल तैयार होने का समय आया तो स्टिंक बग कीट का प्रकोप उम्मीद पर पानी फेर रहा है। हालत यह है कि जिले में कांटी, मीनापुर, बोचहां, मुशहरी, बंदरा, कुढ़नी आदि प्रखंडों में के बागानों में 25 से 40% ही लीची दिख रही है। मुशहरी के किसान संतू महतो, कुढ़नी के लीची किसान मो. निजाम ने बताया कि मौसम में इस तरह का बदलाव दस वर्षों में पहली बार देखने को मिला है।
● भागलपुर : जर्दालू आम के उत्पादन में 10 फीसदी तक की कमी हो सकती है। हालांकि बारिश से आम के साइज बड़े होंगे और ज्यादा रसदार होंगे। लेकिन पहले मंजर में नुकसान और आंधी से भी फसल गिरे हैं।
● सहरसा : सहरसा में 600 हेक्टेयर में गुलाबखास आम के बाग हैं। आंधी के कारण आम के टिकोले भारी मात्रा में गिरे हैं, जिससे उत्पादन कम होगा।
● बेतिया : 3800 हेक्टेयर में जर्दा आम की खेती होती है। आंधी और मधुआ रोग से 30 फीसदी तक नुकसान का अनुमान है। गौनाहा के किसान भावेश प्रसाद ने बताया कि फल का आकार नहीं बढ़ा तो और नुकसान होगा।




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