कौन है दुश्मन और दोस्त कौन, बिहार चुनाव से पहले बनाएं लिस्ट; पुलिस के लिए फरमान जारी
इस सूची में दो प्रकार के व्यक्तियों को रखा जाएगा। पुलिस के मित्र और शत्रु। मित्रों की सूची में वे लोग शामिल होंगे जो समाज में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं और चुनाव के दौरान पुलिस को सहयोग कर सकते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में यह पहचान करें कि कौन लोग पुलिस के दोस्त हैं और कौन दुश्मन। ऐसे लोग जो पुलिस की मदद कर सकते हैं, और वे लोग जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं, उनकी थाना स्तर पर एक विशेष सूची तैयार करें।
सूची में दो प्रकार के व्यक्तियों को रखा जाएगा। पुलिस के मित्र और शत्रु। मित्रों की सूची में वे लोग शामिल होंगे जो समाज में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं और चुनाव के दौरान पुलिस को सहयोग कर सकते हैं। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व सैनिक, शक्षिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी और अन्य सम्मानित नागरिक शामिल किए जाएंगे। ये लोग नष्पिक्ष और गैरराजनीतिक होने चाहिए, ताकि चुनावी माहौल में किसी पक्ष विशेष का समर्थन न हो। वहीं दुश्मन वे लोग होंगे, जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करते हैं। सूची को तैयार करने के लिए थाना स्तर पर गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई जाएगी।
स्थानीय चौकीदारों और वश्विसनीय मुखबिरों की मदद ली जाएगी। इनकी सूचना को थानेदार क्रॉस चेक करेंगे। उम्मीद है कि दोस्त-दुश्मन की सूची से पुलिस-पब्लिक के बीच दूरी कम होगी। शांतिपूर्ण मतदान सुनश्चिति हो सकेगा। यह कदम न केवल चुनाव के दौरान, बल्कि सामान्य दिनों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगा। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हथियारों और शस्त्र दुकानों का निरीक्षण करने और इस्तेमाल की गई गोलियों का सत्यापन करने का टास्क दिया है। अवैध हथियारधारकों के बारे में सूचना संग्रहित कर कर्रवाई करने को कहा गया है। सभी जेलों का मासिक औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया है।




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