पत्नी, तीन साल का बेटा, एक साल की बेटी; सुल्तानगंज में मारे गए EO कृष्ण भूषण के परिवार में और कौन?
EO Krishna Bhushan Murder: सुल्तानगंज में ईओ कृष्ण भूषण की हत्या से परिवार सदमे में है। वे अपने पीछे पत्नी, 3 साल के बेटे और एक साल की बेटी को छोड़ गए हैं। पैतृक घर पर सन्नाटा पसरा है।

EO Krishna Bhushan Murder: भागलपुर जिला के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक अभियंता (ईओ) कृष्ण भूषण प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं कृष्ण भूषण के पैतृक घर मधुबनी में भी मातम पसर गया। कृष्ण भूषण अपने पीछे एक पूरा परिवार छोड़ हैं। पत्नी, 3 साल के बेटे और एक साल की बेटी छोड़कर चले गए। कृष्ण भूषण की हत्या की खबर से पूरा परिवार सदमे में है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि अब कृष्ण भूषण इस दुनिया में नहीं है। मासूम बच्चों को भी नहीं पता कि अब उनके पापा कभी नहीं आएंगे।
चार भाइयों में दूसरे नंबर थे कृष्ण भूषण
मधुबनी के गदियानी लोहरसारी मोहल्ला वार्ड 12 स्थित उनके पैतृक घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और परिजनों से मिलकर ढांढस बांधा। कृष्ण भूषण के परिवार में उनके माता-पिता, रामचन्द्र साह एवं सीमा देवी का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में वे चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनके बड़े भाई इन्द्र भूषण कुमार भारतीय नौसेना में हेल्थ इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। छोटे भाइयों में ई. सूर्य भूषण कुमार इंजीनियरिंग कॉलेज, सीतामढ़ी में व्याख्याता हैं, जबकि सबसे छोटे भाई चन्द्र भूषण कुमार पीएचडी पूरी कर चुके हैं।
पूरा परिवार भागलपुर के लिए रवाना
उन्होंने अपने बड़े भाई इन्द्र भूषण कुमार के साथ वर्ष 2018 में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। कृष्ण भूषण प्रसाद की पत्नी अपने बच्चों के साथ मोतिहारी स्थित अपने नैहर में थी। घटना की सूचना मिलते ही मोतिहारी से परिजन भागलपुर के लिए रवाना हो गए। मृतक के चचेरे भाई अजय साह ने बताया कि वह मधुबनी से पढ़कर इस मुकाम पर पहुंचा था। देर शाम घर के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी। सब के जुबान पर एक शब्द था कृष्णा का व्यवहार बहुत अच्छा था। परिजनों ने बताया कि शाम करीब चार बजे ड्राइवर ने घटना की सूचना दी।
बंदूक लिए हमलावरों से अकेले भिड़ गए कृष्ण भूषण
आपको बता दें ईओ कृष्ण भूषण हत्याकांड में जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। उसमें दिख रहा है कि तीन बदमाश हथियार लेकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार के चैंबर में घुस गए। घुसने के बाद अपराधी ने सभापति राजकुमार गुड्डू पर गोली चला दी। उनपर गोली चलते ही कार्यपालक पदाधिकारी उन अपराधियों से भिड़ गए। वे अपराधियों से हाथापाई करते नजर आए। पदाधिकारी कभी इधर तो कभी उधर खड़े अपराधियों का विरोध कर रहे थे।
सिर में सटाकर बदमाशों ने मारी गोली
इस दौरान खुद को फंसता देख अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर फायरिंग शुरू कर दी। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि चैंबर में कुल छह राउंड फायरिंग हुई जिनमें दो गोली सभापति को मारी गई और तीन गोली कार्यपालक पदाधिकारी को मारी जबकि एक फायरिंग मिस हो गई। कार्यपालक पदाधिकारी के सिर में सटाकर गोली मारी गई जिससे उनकी वहीं पर मौत होने की बात कही जा रही है।




साइन इन