अवैध वसूली पर सख्ती बनी EO कृष्ण भूषण की हत्या की वजह? ठेका और वर्चस्व की जंग में गई जान
EO Krishna Bhushan Murder: सुल्तानगंज में ईओ कृष्ण भूषण की हत्या को लेकर कई तरह की चर्चा है। कुछ जनप्रतिनिधि कह रहे हैं कि सुल्तानगंज आने के बाद कृष्ण भूषण ने अवैध वसूली पर सख्ती कर दी थी, जिसको लेकर दो क्रिमिनल गैंग लड़ रहे हैं।

EO Krishna Bhushan Murder: भागलपुर के सुल्तानगंज में ईओ कृष्ण भूषण की हत्या मामले में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। अधिकारी अभी कारण स्पष्ट नहीं कर रहे हैं पर जो बातें निकल आ रही है उससे यही पता चला है कि ठेका, अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर घटना को अंजाम दिया गया है। कुछ महीने बाद श्रावणी मेला भी शुरू होना है। मेला में ठेके पर वर्चस्व को लेकर भी अंदरूनी रूप से दोनों गुटों में तनाव था। इससे पहले भी वर्चस्व को लेकर घटनाएं होती रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध वसूली पर वर्चस्व को लेकर ही अपराधियों का भी दो गुट वहां सक्रिय है जिनमें एक गुट की कमान कुख्यात अपराधी कनबुच्चा संभालता है। कुछ जनप्रतिनिधि यह भी बता रहे हैं कि सुल्तानगंज का प्रभार मिलने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण कुमार भूषण ने अवैध वसूली को लेकर कड़ाई कर दी थी। यह भी बताया जा रहा है कि सैरात बंदोबस्ती को लेकर भी दो गुटों में विवाद चल रहा था। बंदोबस्ती पाने में पिछड़ने पर घटना को अंजाम देने की बात भी सामने आ रही है।
सुलग सकता है सुल्तानगंज, पुलिस की है नजर
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में मंगलवार को हुई बड़ी और गंभीर घटना के बाद सुल्तानगंज में तनाव बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। स्थानीय लोग दबी जुबान से यह कह रहे हैं कि मंगलवार की घटना के पीछे एक जनप्रतिनिधि का कनेक्शन है। वर्चस्व को लेकर बने दो गुट में कई कुख्यात अपराधी भी शामिल हैं। ऐसे में आने वाले समय में दोनों गुटों के बीच आपराधिक घटनाएं घटित हो सकती हैं। श्रावणी मेला सामने है।
ऐसे में सुल्तानगंज अगर अशांत होता है तो उसका सीधा असर मेले पर पड़ सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि श्रावणी मेला के दौरान विवाद और तनाव और बढ़ सकता है। सुल्तानगंज में जनप्रतिनिधियों के दो गुट में एक को कनबुच्चा का सपोर्ट है। ऐसे में हिंसक घटनाओं पर रोक के लिए पुलिस ने भी तैयारी कर ली है।
सभापति के सिर और सीने में लगी गोली
सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू को गोली लगने के बाद उनकी स्थिति को लेकर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संदीप लाल ने बताया कि बुलटे उनके सिर और सीने में लगी है। सीने में फंसा बुलेट ज्यादा खतरा उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने बताया कि जबतक उन्हें ब्लड चढ़ाया जा रहा है तबतक स्थिति स्थिर बनी रहती है। ब्लड चढ़ाना बंद करते ही हालत बिगड़ने लगती है। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जख्मी के परिजन उन्हें पटना मेदांता में इलाज कराना चाहते हैं। हालांकि बातचीत के बाद पता चला कि रात में एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर की व्यवस्था नहीं हो सकी। जिसके बाद देर शाम 7.35 बजे उन्हें एम्बुलेंस से ही पटना रेफर कर दिया गया।
अंदर होती रही फायरिंग, बाहर मस्त रहा सभापति का अंगरक्षक
मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई घटना में एक तरफ जहां सुरक्षा को लेकर बड़ सवाल खड़ा कर दिया है वहीं परिषद के सभापति के अंगरक्षक पर भी गंभीर सवाल उठ गए हैं। परिषद के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जिस चैंबर में फायरिंग हो रही थी उसी के बाहर सभापति का अंगरक्षक था। पर न तो उसे फायरिंग की आवाज सुनाई दी न ही वह अंदर आया। चैंबर के अंदर नकाबपोश के हथियार लेकर अंदर घुसने से भी अंगरक्षकों ने नहीं रोका। वहां मौजूद लोगों का यह भी कहना है कि पहले की तरह ही अंगरक्षक एक कोने में बैठकर मोबाइल देख रहा होगा। अंगरक्षक के चैंबर के बाहर रहते इस तरह की बड़ी घटना होना पुलिस जवान की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
सभापति को गोली मारते ही EO कृष्ण भूषण अपराधियों से भिड़ गए
सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि तीनों बदमाश हथियार लेकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार के चैंबर में घुस गए। घुसने के बाद अपराधी ने सभापति राजकुमार गुड्डू पर गोली चला दी। उनपर गोली चलते ही कार्यपालक पदाधिकारी उन अपराधियों से भिड़ गए। वे अपराधियों से हाथापाई करते नजर आए। पदाधिकारी कभी इधर तो कभी उधर खड़े अपराधियों का विरोध कर रहे थे। उसी दौरान खुद को फंसता देख अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर फायरिंग शुरू कर दी।
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि चैंबर में कुल छह राउंड फायरिंग हुई जिनमें दो गोली सभापति को मारी गई और तीन गोली कार्यपालक पदाधिकारी को मारी जबकि एक फायरिंग मिस हो गई। कार्यपालक पदाधिकारी के सिर में सटाकर गोली मारी गई जिससे उनकी वहीं पर मौत होने की बात कही गई। कार्यपालक पदाधिकारी का ससुराल मोतिहारी में है और उनकी एक छोटी बच्ची होने की बात उनके जानने वालों ने कही है।




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