नीतीश और नितिन नवीन की राज्यसभा शपथ की तारीख तय? शिवेश राम को आ गया दिल्ली से बुलावा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अप्रैल महीने की 10 तारीख को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले सकते हैं। भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद शिवेश राम को राज्यसभा के रिटर्निंग ऑफिसर का कॉल आ गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा में शपथ ग्रहण की तारीख लगभग तय हो गई है। आगामी 10 अप्रैल को दोनों नेता राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले सकते हैं। उनके साथ राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बिहार से भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद शिवेश राम भी शपथ लेंगे। शिवेश को दिल्ली से बुलावा आ गया है। उन्हें राज्यसभा के रिटर्निंग अफसर का फोन आया है।
न्यूज 18 से बातचीत में शिवेश राम ने न्यूज 18 से बातचीत में शनिवार को पुष्टि की है कि उन्हें रिटर्निंग अधिकारी द्वारा फोन पर शपथ ग्रहण में शामिल होने की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद के शपथ लेने की संभावित तारीख 10 अप्रैल है। शिवेश ने यह भी कहा कि बिहार से निर्वाचित नीतीश कुमार एवं नितिन नवीन समेत एनडीए के सभी नवनिर्वाचित सांसद भी उनके साथ संभवतया शपथ लेंगे।
हाल ही में हुए बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप किया था। जेडीयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं शिवेश राम और रालोमो से पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने 16 मार्च को हुए चुनाव में जीत दर्ज की थी। कुशवाहा और रामनाथ पहले से राज्यसभा सांसद हैं। वहीं, नीतीश, नवीन एवं शिवेश पहली बार संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं।
राज्यसभा की इन पांच सीटों के मौजूदा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त हो रहा है। उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद नए सांसदों का टर्म शुरू हो जाएगा। पांचों सांसदों का शपथ ग्रहण या तो सदन के अंदर या फिर राज्यसभा के सभापति के चैंबर में किया जा सकता है। शपथ लेने के बाद नवनिर्वाचित सदस्य रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हैं, जिसके बाद उनके कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो जाती है।
30 मार्च तक MLC पद छोड़ेंगे नीतीश, नितिन भी विधायकी से इस्तीफा देंगे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। नियमों के अनुसार वे एक साथ दो सदनों के सदस्य नहीं रह सकते हैं। राज्यसभा चुनाव जीतने के 14 दिनों के भीतर उन्हें एमएलसी पद छोड़ना होगा। बताया जा रहा है कि आगामी 30 मार्च तक नीतीश MLC से इस्तीफा दे देंगे।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी पटना के बांकीपुर से विधायक हैं। उन्हें भी 30 मार्च तक विधायकी पद से इस्तीफा देना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो राज्यसभा की सदस्यता स्वतः रद्द हो सकती है।




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