Imamganj assembly seat profile Ham mla deepa manjhi nda rjd mahagathbandhan bihar chunav Bihar Election: इमामगंज के विजेताओं का बिहार की राजनीति पर रहा असर, दीपा मांझी के खिलाफ MGB तैयार, Bihar Hindi News - Hindustan
More

Bihar Election: इमामगंज के विजेताओं का बिहार की राजनीति पर रहा असर, दीपा मांझी के खिलाफ MGB तैयार

बिहार चुनाव: इमामगंज के विधायक रहे जीतनराम मांझी ने गया जी संसदीय सीट पर जीत हासिल कर ली। लोकसभा चले जाने के बाद इमामगंज विधान सभा की सीट खाली हो गई। उन्होंने अपनी बहू दीपा कुमारी को मैदान में उतारा। इमामगंज में हुए उप चुनाव में दीपा कुमारी को जीत मिली।

Tue, 30 Sep 2025 10:40 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, जयप्रकाश, गया जी
share
Bihar Election: इमामगंज के विजेताओं का बिहार की राजनीति पर रहा असर, दीपा मांझी के खिलाफ MGB तैयार

बिहार चुनाव: गया जी जिले की इमामगंज विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले दो नेताओं का बिहार की राजनीति में बड़ा दखल रहा है। यहां से चुनाव जीतने वाले जीतन राम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वहीं इसी सीट से विधायक रहे उदय नारायण चौधरी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष रहे। दिलचस्प यह है कि दोनों ने बाहर से आकर यहां की राजनीति की। लेकिन, यहां के लोगों को अपना लिया। 1969 में इमामगंज को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने के बाद बाहरी नेताओं का दबदबा बढ़ गया। चुनाव के दौरान हर बार बाहरी नेता मुद्दा बनते हैं लेकिन जनता ने उन्हें पसंद किया। आजादी के बाद इमामगंज पहली बार शेरघाटी विधान सभा क्षेत्र में था।

उस सीट से इमामगंज करमौन गांव के रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी जगलाल महतो विधायक बने। उसके बाद 1957 में इमामगंज को विधान सभा का दर्जा मिला। यहां के मतदाताओं ने 1957 और 1962 में स्थानीय नेता अंबिका सिंह को वोट देकर विधान सभा भेजा। 1969 में इमामगंज विधान सभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। उसके बाद बाहरी लोगों का सीट पर कब्जा शुरू हुआ। यह आज तक जारी है। इमामगंज आरक्षित होने के बाद बाहरी प्रत्याशी 1969 में डी राम राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से विधायक बने।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कांग्रेस विधायक बीजेपी के टिकट पर लड़ने को बेचैन, बिक्रम विस में चुनावी मुकाबला

1980 के चुनाव में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से स्थानीय बांकेबाजार के नेता श्रीचंद सिंह ने जीत हासिल की। दो बार चुनाव जीतने के बाद 1990 में एक फिर बाहरी प्रत्याशी जनता दल पार्टी से उदय नारायण चौधरी कब्जा जमाया। लेकिन राजनीति बदलाव के कारण 1995 में चुनाव हार गए और एक बार फिर समता पार्टी से बांकेबाजार निवासी रामस्वरूप पासवान चुनाव जीत मिली। वर्ष 2000 में एक बार फिर इमामगंज विस की सत्ता बाहरी प्रत्याशी उदय नारायण चौधरी के हाथों गई। इसके बाद 2015 से दूसरे बाहरी प्रत्याशी जीतनराम मांझी के कब्जे में चली गई।

मांझी के सांसद बनने से खाली हुई सीट पर बहू बनी विधायक

इमामगंज के विधायक रहे जीतनराम मांझी ने गया जी संसदीय सीट पर जीत हासिल कर ली। लोकसभा चले जाने के बाद इमामगंज विधान सभा की सीट खाली हो गई। उन्होंने अपनी बहू दीपा कुमारी को मैदान में उतारा। इमामगंज में हुए उप चुनाव में दीपा कुमारी को जीत मिली।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार चुनाव: अतरी में रास्ते ही नहीं, हर पार्टी के लिए चुनाव की डगर भी मुश्किल

इमामगंज विधान सभा क्षेत्र में पहले से स्वीकृत योजनाओं पूरा कराकर उसे नया और अपना बताया जा रहा है। पांच सालों में कोई भी विकास का काम नहीं हुआ है। कागज पर काम दिखा कर जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। धरातल पर जतना को कोई काम नहीं दिख रहा है। इस बार जनता उन्हें उखाड़ कर फेंक देगी। - रौशन कुमार मांझी, पूर्व राजद उम्मीदवार, इमामगंज

जो वायदे पूरे नहीं हुए

● केवलडीह और भगहर नदी पर पुल का निर्माण

● इमामगंज को रेलवे लाइन से जोड़ने की योजना

● शेरघाटी से डुमरिया तक स्टेट हाइवे को फॉर लेने बनाने का निर्माण

● इमामगंज को जिला बनाने की मांग

● जर्जर स्कूल भवनों का कायाकल्प

पिछले पांच वर्षों में क्या बदला

● डिग्री कॉलेज का निर्माण शुरू

● डुमरिया के बोदीबीघा थाना का निर्माण

● सिंचाई के लिए राजा बांध का निर्माण

● इमामगंज बांके बाजार में एक - एक उच्च स्तरीय पुल की स्वीकृति

● इमामगंज में 40, डुमरिया 39, बांकेबाजार ग्रामीण सड़कें स्वीकृत

● मोरहर नदी में वियर बांध का निर्माण

इस बार के चुनावी मुद्दे

● इमामगंज को जिला बनना

● इमामगंज को रेलवे लाइन से जोड़ना

● सिंचाई के लिए बड़ी कोल नहर से जोड़ना

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पटना में सप्तमी मेला घूमने निकली लड़की से रेप का प्रयास, गोली चली तो भागे बदमाश

साल और प्रत्याशी- पार्टी

1957 अंबिका प्रसाद सिंह- निर्दलीय

1962 अंबिका प्रसाद सिंह- स्वतंत्र पार्टी

1967 डी राम- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1969 ईश्वर दास- संयुक्त सो. पार्टी

1972 अवधेश्वर राम- भा. राष्ट्रीय कांग्रेस

1977 ईश्वर दास- जनता पार्टी

1980 श्रीचंद सिंह- भा. राष्ट्रीय कांग्रेस

1985 श्रीचंद सिंह- भा. राष्ट्रीय कांग्रेस

1990 उदय नारायण चौधरी- जनता दल

1995 रामस्वरूप पासवान- समता पार्टी

2000 उदय नारायण चौधरी- समता पार्टी

2005 उदय नारायण चौधरी- जदयू

2010 उदय नारायण चौधरी- जदयू

2015 जीतनराम मांझी- हम

2020 जीतनराम मांझी- हम

2024 उपचुनाव- दीपा कुमारी- हम

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:डीजल घोटाला! पीके पर 132 करोड़ रुपये के मानहानि का केस करूंगा, बोले जायसवाल
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।